पूर्णिया। गत 17 जुलाई को अधिवक्ता शहीदउल हक के घर एक बच्ची की बरामदगी के सिलसिले में हुई छापेमारी को लेकर गुरुवार को जिला अधिवक्ता संघ का शिष्टमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला। संघ के अध्यक्ष विभाकर सिंह के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने पुलिस अधीक्षक दयाशंकर से मिलकर पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

शिष्टमंडल ने एसपी को बताया कि अधिवक्ता शहीदउल हक के घर 17 जुलाई की संध्या 6:30 बजे किशनगंज महिला थाना अध्यक्ष पुष्पलता व सहायक थाना खजांची हाट के एएसआई सुबोध चौधरी दलबल के साथ उनके घर पहुंचे। कई महिला पुलिस कर्मी जबरन उनके घर में प्रवेश कर गए और बिना सर्च वारंट दिखाए उनके घर की तलाशी लेने की कोशिश करने लगे। इसी क्रम में अधिवक्ता द्वारा सर्च वारंट के बारे में पूछा गया तो सर्च वारंट दिखाने के बदले गाली गलौज शुरु कर दिया गया। अधिवक्ता के पुत्र द्वारा जब वीडियो तैयार किया जा रहा था तो पुलिस ने उसका मोबाइल छीन लिया। उसके बाद पुलिसकर्मी वहां से चले गए। पुन: 8:30 बजे रात्रि 40/50 की संख्या में पुलिसकर्मी अधिवक्ता के घर में घुस गए और अधिवक्ता सहित उनके बेटे बेटियों को बुरी तरह से पिटाई कर दी। इस स्थिति को लेकर शिष्टमंडल ने पीड़ित अधिवक्ता के आवेदन पर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया। पुलिस अधीक्षक ने शिष्टमंडल को भरोसा दिया कि 10 दिनों के अंदर संपूर्ण घटनाक्रम की जांच कर जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिष्टमंडल में अध्यक्ष के अलावा अधिवक्ता मु. यूनूस, अवधेश कुमार तिवारी, संघ के सचिव अजय नंदन मिश्र, दिलीप कुमार दीपक, गौतम वर्मा, मु. कैसर व मुकुंद चंद्र दास शामिल थे।