पटना [काजल]। बिहार में मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा के भोज के जरिए राजनीति अपना अलग महत्व रखती है। खासकर लालू प्रसाद के आवास पर दही-चूड़ा के भोज का लोग बेसब्री से इंतजार करते रहते हैं। पिछली बार भी लालू यादव को चारा घोटाला मामले में बेल नहीं मिली थी और इस बार भी मकर संक्रांति सोमवार को है और लालू की जमानत झांरखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है, एेसे में अब लालू-राबड़ी आवास पर इस बार भी भोज का आयोजन होगा या नहीं, अब तक संशय बना हुआ है।

लालू की जमानत को लेकर राजद को आस थी कि उन्हें मेडिकल आधार पर बेल मिल जाएगी, लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। एेसे में महागठबंधन की खिचड़ी पर भी काले बादल घिरते दिख रहे हैं।

लालू के बेल नहीं मिलने से महागठबंधन में सीटों के बंटवारे में परेशानी आ सकती है। महागठबंधन में घटक दलों की संख्या ज्यादा हो गई है और बिहार में कांग्रेस पार्टी राजद से बराबरी का ताल ठोक रही है। एेसे में सीटों के बंटवारे का पेंच फंसना तय लग रहा है।

लोकसभा चुनाव और उसके बाद बिहार में विधानसभा के चुनाव भी होने वाले हैं। लालू ने ही एनडीए को हराने के लिए महागठबंधन की नींव रखी थी जिसपर कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मुहर लगाई थी। हालांकि तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत से महागठबंधन उत्साहित है। लेकिन उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा के एकजुट होने और महागठबंधन में शामिल नहीं होने के फैसले से हानि हो सकती है।

लालू के जमानत नहीं मिलने से तेजस्वी यादव के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। सीट शेयरिंग की बात करने के लिए या राजद में कौन कहां से चुनाव लड़ेगा इसपर बात करने के लिए बार-बार उनका पिता के पास रिम्स जाना संभव नहीं हो सकेगा। एेसे में लोकसभा का चुनाव उनके लिए बड़ी चुनौती है। 

पिछले साल भी लालू यादव ने जेल में ही मकर संक्रांति के दिन चूड़ा-दही खाया था और रात में खिचड़ी खायी थी। उससे पहले लालू ने जज से भी हंसी-ठिठोली की थी। कोर्ट में लालू प्रसाद यादव अपने ही अंदाज में चुटीली बातें करते दिखे तो जज भी नहले पर दहला दे रहे थे। 

लालू ने जज से कहा था कि चूड़ा-दही हमलोग संक्रांत में खाते थे, अब क्या करेंगे सर? जज ने कहा कि हम यहीं व्यवस्था कर देंगे। कितना दही चाहिए। इसपर लालू ने कहा था कि ई विभाग तो हम यादव लोगों का ही है सर, रिहा होकर जाते तो आपको भी बुलवाकर चूड़ा-दही खिलाते। आप हमलोग को रिहा करेंगे न सर तो तीन-चार दिन इधर जंगल में ही रह जाएंगे।
मकर संक्रांति के अवसर पर हर साल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पटना आवास पर बड़ा भोज होता था। हजारों समर्थक व कार्यकर्ता जुटते थे। सियासी दिग्‍गजों का भी जमावड़ा होता था। लेकिन, पिछली बार भी लालू जेल में ही थे और इस साल सजायाफ्ता लालू तबीयत खराब होने के कारण रिम्स में एडमिट हैं। इस कारण उनकी पार्टी (राजद) तथा लालू परिवार मकर संक्रांति मनाएगा या नहीं, इसपर संशय है। 

Posted By: Kajal Kumari

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