अनंत सिंह पर भी शरद यादव जैसी कार्रवाई करेगा JDU? जन सुराज के मंच पर दिखने के बाद बढ़ेंगी मुश्किलें
जदयू विधायक अनंत सिंह द्वारा जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार की नामांकन यात्रा में शामिल होने के बाद पार्टी उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रही है।

अनंत सिंह पर हो सकती है कार्रवाई। (जागरण)
HighLights
अनंत सिंह जनसुराज उम्मीदवार की नामांकन यात्रा में हुए शामिल।
जदयू दल बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई पर कर रहा विचार।
शरद यादव की सदस्यता रद करने का मामला बनेगा आधार।
राज्य ब्यूरो, पटना। क्या अनंत सिंह के साथ जदयू वही कुछ करेगा, जैसा शरद यादव के साथ किया था? गुरुवार को पटना स्नातक क्षेत्र से जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह की नामांकन यात्रा में पार्टी के विधायक अनंत सिंह के शामिल होने के बाद पार्टी अनुशासनिक कार्रवाई पर विचार कर रही है।
यह कार्रवाई दल बदल विरोधी कानून के तहत हो सकती है। इससे तहत पहले अनंत सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए जदयू की अनुशासन समिति की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा।
कानून के अनुसार अनंत सिंह का यह तर्क नहीं चलेगा कि स्नातक क्षेत्र का चुनाव दलीय आधार पर नहीं लड़ा जाता है।कार्रवाई में कानून के उस हिस्से का सहारा लिया जाएगा, जिसमें विरोधी दल के मंच से अपने संबद्ध दल की आलोचना को दल बदल जैसा अपराध माना गया है।
शरद यादव का क्या था मामला?
शरद यादव के मामले में यही हुआ था। 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू महागठबंधन का हिस्सा था। राजद और कांग्रेस भी उसमें शामिल थी। 2015 के नवंबर में महागठबंधन की सरकार बनी।
2017 में जदयू महागठबंधन से अलग होकर एनडीए में शामिल हो गया। शरद यादव ने व्हीप का उल्लंघन नहीं किया। वे राजद के मंच पर गए। उन्होंने एनडीए में शामिल होने के जदयू के निर्णय की आलोचना की।
शरद उस समय राज्यसभा सदस्य थे। जदयू ने राज्यसभा के तत्कालीन सभापति वैंकैया नायडू को पत्र लिखा। आग्रह किया कि दल बदल विरोधी कानून के तहत शरद यादव और अली अनवर अंसारी की राज्यसभा सदस्यता समाप्त करें।
सभापति ने दोनों पक्षों अपना-अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। बाजाप्ता सुनवाई हुई। शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता समाप्त हो गई। दोनों को न्यायालय से भी राहत नहीं मिली। बुनियादी तौर पर पार्टी की आलोचना ही सदस्यता समाप्ति का आधार बना।
संजय और बिजेंद्र ने की नीतीश से मंत्रणा
गुरुवार की सुबह जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंत्रणा की।
समझा जाता है कि इस दौरान अनंत सिंह की भूमिका पर भी विचार किया गया। जदयू सूत्रों ने दावा किया कि जनसुराज उम्मीदवार की नामांकन यात्रा में शामिल होने के लिए जल्द ही अनंत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
