कौन हैं नवल किशोर यादव? 1996 से लगातार पांच बार बने MLC, BJP ने छठी बार जताया भरोसा
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. नवल किशोर यादव को छठी बार उम्मीदवार बनाया गया है। वे 1996 से लगातार ...और पढ़ें

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. नवल किशोर यादव।
HighLights
भाजपा ने डॉ. नवल किशोर यादव को छठी बार दिया टिकट।
1996 से लगातार पांच बार पटना शिक्षक MLC रहे हैं।
विधान परिषद में शिक्षकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने एक बार फिर डॉ. नवल किशोर यादव पर भरोसा जताया है।
केंद्रीय चुनाव समिति ने मंगलवार को उनके नाम की घोषणा कर दी। इसके साथ ही नवल किशोर यादव लगातार छठी बार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरेंगे।
मुखर और बेबाक वक्ता के रूप में पहचान रखने वाले नवल किशोर यादव वर्ष 1996 से लगातार पांच बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
1958 में सारण में हुआ जन्म
डॉ. नवल किशोर यादव का जन्म 2 मार्च 1958 को सारण जिले के शीतलपुर गांव में हरि राय के घर हुआ था। उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
वर्तमान में वह पटना स्थित गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय में मनोविज्ञान विषय के व्याख्याता हैं। नवल किशोर यादव वर्ष 1988-89 में शिक्षक की नौकरी में आए थे।
करीब सात-आठ वर्ष बाद वर्ष 1996 में उन्होंने पहली बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और विधान परिषद पहुंचे। इसके बाद वह लगातार पांच चुनाव जीतकर इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं।
शिक्षा और शिक्षकों के मुद्दों पर मुखर
विधान परिषद में नवल किशोर यादव की पहचान शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले नेता के रूप में रही है। वह शिक्षकों के वेतन और सेवा संबंधी मामलों को लेकर भी अपनी बात मजबूती से रखते रहे हैं।
नवल किशोर यादव का दावा है कि शिक्षकों का वेतन छह हजार रुपये से बढ़कर 56 हजार रुपये तक पहुंचाने में उनकी भूमिका रही है।
बोले- इस बार छक्का मारेंगे
भाजपा की ओर से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद नवल किशोर यादव ने जीत का दावा किया। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि इस बार वह छक्का मारेंगे और गेंद बाउंड्री के पार जाने के बजाय पवेलियन में जाकर गिरेगी।
