विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कौन हैं IPS प्रीता वर्मा, जिन्हें मिली बिहार की कमान? DGP का प्रभार संभालते ही एक्शन; तय कीं 4 बड़ी प्राथमिकताएं

Published: Wed, 16 Sep 2026 04:10 PM (IST)

वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा ने बिहार की प्रभारी DGP का अतिरिक्त प्रभार संभाला और पुलिस मुख्यालय में आला अधिकारियों ...और पढ़ें

प्रीता वर्मा

प्रीता वर्मा

HighLights

  1. प्रभारी DGP प्रीता वर्मा ने बिहार पुलिस की कमान संभाली।

  2. नशे पर कार्रवाई, महिला-बाल सुरक्षा प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल।

  3. पितृपक्ष मेले की सुरक्षा, सीमा निगरानी पर विशेष जोर दिया।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार पुलिस की कमान फिलहाल एक नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा के हाथों में है। 1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा ने बुधवार को प्रभारी DGP का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। जिम्मेदारी मिलते ही उन्होंने पुलिस मुख्यालय में आला अधिकारियों के साथ बैठक की और कानून-व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश दिए।

पहली बैठक में ही साफ कर दिया एजेंडा

प्रीता वर्मा ने सभी रेंज के IG-DIG और जिलों के SP के साथ बैठक कर पुलिसिंग की प्राथमिकताएं तय कीं। उनकी पहली बैठक में चार मुद्दे खास तौर पर सामने आए, सूखे नशे के खिलाफ कार्रवाई, बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा, गया के पितृपक्ष मेले की सुरक्षा और सीमा पर निगरानी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई प्रभावी और त्वरित होनी चाहिए। खासकर संवेदनशील मामलों में लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया गया।

सूखे नशे के नेटवर्क पर शिकंजे की तैयारी

प्रभारी DGP ने बिहार में सूखे नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा है। पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

खास फोकस उन गतिविधियों पर रखने को कहा गया, जिनसे युवा और बच्चे प्रभावित हो सकते हैं। जिलों में स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने और कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर जोर रहा।

बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा भी एजेंडे में

बैठक में महिला और बाल सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। प्रीता वर्मा ने पुलिस अधिकारियों से संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा और पुलिस निगरानी को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। संदेश साफ था कि महिलाओं और बच्चियों से जुड़े मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।

पितृपक्ष मेले में पुलिस के सामने बड़ी जिम्मेदारी

गया में पितृपक्ष मेला शुरू हो चुका है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रभारी DGP ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भीड़ नियंत्रण से लेकर ट्रैफिक मैनेजमेंट और प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा तक, पुलिस को पहले से तैयारी रखने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर पुलिस की तैयारियों की समीक्षा पर भी जोर रहा।

सीमा पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश

सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों को भी प्रीता वर्मा ने खास निर्देश दिए। सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ पर प्रभावी निगरानी रखने को कहा गया है।

उन्होंने स्थानीय पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। सीमा से जुड़े इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

कौन हैं प्रीता वर्मा, जिन्हें मिली अस्थायी कमान?

प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी हैं। UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा के जरिए वह पुलिस सेवा में आई थीं। सरकारी IPS सिविल लिस्ट के अनुसार उनका होम स्टेट राजस्थान है और उनकी शैक्षणिक योग्यता बीए दर्ज है।

उन्होंने 11 अक्टूबर 1992 को IPS के रूप में सेवा ज्वाइन की थी। यानी पुलिस सेवा में उनका अनुभव तीन दशक से अधिक का है। वरिष्ठता और लंबे प्रशासनिक अनुभव के चलते वह बिहार कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं।

होमगार्ड और फायर सर्विस की DG भी हैं प्रीता वर्मा

प्रीता वर्मा को जुलाई 2026 में बिहार होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा का DG बनाया गया था। इससे पहले वह बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

अब DGP विनय कुमार के अवकाश पर जाने के बाद उन्हें उनके मौजूदा पद के साथ प्रभारी DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यानी फिलहाल वह दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां एक साथ संभालेंगी।

15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक रहेगा अतिरिक्त प्रभार

गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक DGP विनय कुमार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में DGP पद से जुड़े प्रमुख दायित्व प्रीता वर्मा संभालेंगी।

विनय कुमार के वापस लौटने के बाद यह अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा। इस तरह प्रीता वर्मा की मौजूदा भूमिका फिलहाल एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है।

राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी हो चुकी हैं सम्मानित

प्रीता वर्मा के लंबे पुलिस करियर में सम्मान भी शामिल हैं। स्वतंत्रता दिवस 2023 के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस के लिए चुना गया था।

उस समय उनका पद DG (Training), बिहार के रूप में दर्ज था। इससे पहले 2009 में भी उन्हें पुलिस मेडल मिल चुका है। उनके करियर में अलग-अलग वरिष्ठ पदों पर काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

स्थायी DGP कौन होगा, इस पर भी नजर

प्रीता वर्मा को प्रभारी DGP की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब बिहार में नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण चरण में है। प्रभारी DGP की नियुक्ति और स्थायी DGP के चयन की प्रक्रिया अलग-अलग है।

स्थायी DGP के चयन के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल तैयार किए जाने और UPSC प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने की बात सामने आई है।

ऐसे में फिलहाल बिहार पुलिस की कमान प्रीता वर्मा के पास है, लेकिन उनकी भूमिका 5 अक्टूबर तक की मौजूदा व्यवस्था तक सीमित है।

यानी DGP की कुर्सी संभालते ही प्रीता वर्मा ने अपनी पहली बैठक में ही पुलिसिंग की दिशा साफ कर दी, नशे पर कार्रवाई, महिला-बाल सुरक्षा, पितृपक्ष मेले की व्यवस्था और सीमा की निगरानी अब उनकी तत्काल प्राथमिकताओं में हैं।

यह भी पढ़ें- बिहार के DGP विनय कुमार लंबी छुट्टी पर, प्रीता वर्मा को मिला प्रभारी डीजीपी का जिम्मा