बिहार में किसे मिलेगी 7 हजार की बाढ़ राहत राशि, लिस्ट में नाम नहीं तो क्या होगा? पीड़ितों के हर सवाल का जवाब
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी डीबीटी के माध्यम से बाढ़ प्रभावित 8.27 लाख परिवारों को 7-7 हजार रुपये की अनुग्रह ...और पढ़ें

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज बाढ़ पीड़ितों के खाते में राहत राशि ट्रांसफर करेंगे।
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 8.27 लाख परिवारों को 7 हजार रुपये भेजेंगे।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को डीबीटी के माध्यम से मिलेगी अनुग्रह सहायता।
प्रशासनिक सर्वे से तैयार हुई सूची, कोई पात्र परिवार वंचित नहीं रहेगा।
डिजिटल डेस्क, पटना। CM सम्राट चौधरी सुबह 11:30 बजे डीबीटी के माध्यम से बिहार के बाढ़ पीड़ित परिवारों के खातों में 7-7 हजार की अनुग्रह सहायता राशि भेजेंगे।
फिलहाल 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों को सहायता के लिए चिह्नित किया गया है। इन परिवारों के बीच 579.23 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के मन में यह सवाल है कि सहायता राशि किन्हें मिलेगी, सूची कैसे तैयार हुई, खाते में पैसा कैसे पहुंचेगा और यदि नाम सूची में नहीं है तो क्या होगा। जानिए इन सभी सवालों के जवाब
किसे मिलेगी 7 हजार रुपये की सहायता?
बाढ़ से प्रभावित और प्रशासनिक सर्वे में पात्र पाए गए परिवारों को प्रति परिवार सात हजार रुपये की अनुग्रह सहायता दी जाएगी। सहायता व्यक्ति के हिसाब से नहीं, बल्कि परिवार (Household) के आधार पर दी जा रही है।
कितने परिवारों को अभी पैसा मिलेगा?
आपदा प्रबंधन विभाग के पास फिलहाल 8,27,472 परिवारों की विवरणी उपलब्ध है। इन सभी के खातों में डीबीटी के जरिए राशि भेजी जाएगी। लाभुकों की संख्या मंगलवार सुबह तक बढ़ सकती है।
लाभुक परिवारों की सूची कैसे तैयार हुई?
प्रभावित जिलों के अंचलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने पात्र परिवारों की सूची तैयार की है। प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उनकी आवश्यक जानकारी जुटाई गई है।
ऐसे परिवारों की पहचान की गई है जिनके घर कई दिनों तक बाढ़ के पानी में डूबे रहे। प्रशासनिक सर्वे में घर में पानी की स्थिति और बाढ़ से हुए प्रभाव को आधार बनाकर पात्र परिवारों को सूचीबद्ध किया गया है।
क्या इसके लिए लाभुकों को आवेदन करना होगा?
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार प्रभावित परिवारों की पहचान स्थानीय प्रशासन के सर्वे और अंचलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। विभाग ने इसी आधार पर लाभुकों की विवरणी तैयार की है।

अगर कोई बाढ़ प्रभावित परिवार छूट गया तो क्या होगा?
आपदा प्रबंधन मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा है कि कोई भी बाढ़ प्रभावित परिवार अनुग्रह अनुदान से वंचित नहीं रहेगा। इसका मतलब है कि पात्र प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है।
इस बार कितनी आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है?
इस वर्ष गंगा, गंडक, कोसी और पुनपुन समेत कई नदियों में आई बाढ़ से 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं। करीब 49.46 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
किन जिलों में बाढ़ का असर है?
प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।

सात हजार रुपये की राशि से क्या फायदा होगा?
बाढ़ के कारण घर, सामान और रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ा है। सात हजार रुपये की सहायता से प्रभावित परिवार तत्काल जरूरी घरेलू जरूरतें पूरी करने और बाढ़ से हुए नुकसान के बाद शुरुआती खर्च में इसका उपयोग कर सकेंगे।
क्या सरकार की ओर से सिर्फ नकद सहायता ही दी जा रही है?
नहीं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन और आवासन समेत दूसरी राहत सुविधाएं भी जारी हैं। राज्य में 1260 सामुदायिक रसोई संचालित हैं। इनके माध्यम से अब तक करीब 1 करोड़ 19 लाख 33 हजार लोगों को सुबह-शाम भोजन कराया जा चुका है।
राहत शिविरों में कितने लोग रह रहे हैं?
वर्तमान में 13 राहत शिविर संचालित हैं। इनमें 11,060 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा के लिए अब तक 13,121 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है। कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
केंद्रीय जल आयोग और मौसम विभाग के अनुसार बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, पटना के दीघा घाट, गांधीघाट और हाथीदह, भागलपुर के कहलगांव, मुंगेर, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली में घाघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर घट रहा है।
अभी तक बाढ़ राहत की तस्वीर
- 7,000 रुपये — प्रति प्रभावित परिवार
- 8,27,472 परिवार — फिलहाल सहायता के लिए चिह्नित
- 579.23 करोड़ रुपये — कुल अनुग्रह सहायता
- 15 जिले — बाढ़ प्रभावित
- 88 प्रखंड — प्रभावित
- 575 ग्राम पंचायतें — प्रभावित
- करीब 49.46 लाख लोग — प्रभावित आबादी
- 1260 — सामुदायिक रसोई संचालित
- 1.19 करोड़ से अधिक — लोगों को भोजन कराया गया
- 13 — राहत शिविर संचालित
- 11,060 — शिविरों में रह रहे लोग
- 13,121 क्विंटल — पशुचारा वितरित
आगे क्या होगा?
आपदा प्रबंधन मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा है कि बाढ़ समाप्त होने के बाद संबंधित विभाग प्रभावित जिलों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए अलग से कार्ययोजना तैयार करेंगे। फिलहाल सरकार का फोकस प्रभावित परिवारों तक अनुग्रह राशि और जरूरी राहत पहुंचाने पर है।
