8.27 लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में आए 7-7 हजार, CM सम्राट ने कहा-जो छूट गए उनका नाम एक सप्ताह में जोड़ें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित 8.27 लाख से अधिक परिवारों को डीबीटी के माध्यम से 7-7 हजार रुपये ...और पढ़ें

बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में राशि हस्तांतरित करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, साथ में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी व अन्य। वीडियो ग्रैब
HighLights
सीएम सम्राट चौधरी 7000 रुपये की सहायता राशि देंगे।
8.27 लाख से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवार लाभान्वित होंगे।
सामुदायिक रसोई और राहत शिविर भी संचालित हैं।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए मंगलवार का दिन राहत लेकर आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ पीड़ित 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों को 7-7 हजार रुपये दिए।
डीबीटी के माध्यम से अनुग्रह सहायता राशि खाते में भेजी गई। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलों से अंचलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लाभुक परिवारों की विवरणी जुटाई है।
मौजूदा आंकड़े के अनुसार, इन परिवारों को कुल 579.23 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। मंगलवार सुबह तक लाभुकों की संख्या बढ़ सकती है। सुबह 11:30 बजे यह राशि भेजी गई।
सीएम सम्राट ने राशि हस्तांतरण करते हुए कहा कि कोई छूट गया हो तो एक सप्ताह के अंदर सबको जोड़ने का प्रयास करिए। हर हालत में उनका नाम जोड़िये। कोई भी पीड़ित छूटना नहीं चाहिए।
मौके पर दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत तमाम वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
15 जिलों के 49.46 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
इस वर्ष गंगा, गंडक, कोसी, पुनपुन समेत विभिन्न नदियों में आई बाढ़ से राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं।
करीब 49.46 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में आई है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।
1260 सामुदायिक रसोई में मिल रहा भोजन
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य भी जारी है। राज्य के विभिन्न जिलों में अब 1260 सामुदायिक रसोई संचालित हो रही हैं। इनके माध्यम से अब तक करीब 1 करोड़ 19 लाख 33 हजार लोगों को सुबह-शाम भोजन कराया जा चुका है।
वहीं, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अब 13 राहत शिविर संचालित हैं। इनमें 11,060 लोगों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हाल में सामुदायिक रसोई की संख्या 1257 से बढ़ाकर 1260 की गई है, जबकि राहत शिविरों की संख्या 15 से घटकर 13 हुई है। पशुओं की सुरक्षा के लिए अब तक 13,121 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।
कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग और मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर घट रहा है। हालांकि बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, पटना के दीघा घाट, गांधीघाट और हाथीदह, भागलपुर के कहलगांव, मुंगेर, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली में घाघरा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
