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Weather Update: 25 मई से पड़ेगी भयंकर गर्मी, 48 डिग्री तक पहुंचेगा पारा; नौतपा का मानसून पर क्या होगा असर?

Published: Thu, 21 May 2026 04:32 AM (IST)

25 मई से Nautapa 2026 शुरू हो रहा है, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जिससे 2 जून तक ...और पढ़ें

25 मई से तपेगी धरती। फाइल फोटो

25 मई से तपेगी धरती। फाइल फोटो

HighLights

  1. 25 मई से सूर्य रोहिणी नक्षत्र में, नौतपा शुरू।

  2. भीषण गर्मी, लू की आशंका, तापमान 48 डिग्री तक।

  3. हीट स्ट्रोक से बचाव, सूर्य उपासना और दान करें।

जागरण संवाददाता, पटना। 25 मई सोमवार की रात आठ बजकर सात मिनट पर सूर्य कृत्तिका नक्षत्र से निकलकर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही नौतपा की शुरुआत होगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में नौ दिनों तक रहने के कारण इसे नौतपा कहा जाता है। इस दौरान 25 मई से दो जून तक सूर्य का ताप बढ़ा रहेगा। इस दौरान पृथ्वी सूर्य के काफी करीब होती है, जिससे तापमान सामान्य से कही ज्यादा बढ़ जाता है।

इस दौरान भीषण हीट वेव 'लू' की आशंका होती है। बनारसी पंचांग के अनुसार, 26 मई मंगलवार की रात नौ बजे से नौतपा (Nautapa 2026 Start Date Bihar) आरंभ हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य जब चंद्र के नक्षत्र राेहिणी में प्रवेश करता है, तो इससे वह उस नक्षत्र को अपने पूर्ण प्रभाव में ले लेता है।

नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी होती है, मानसून के दौरान अच्छी वर्षा के संकेत बताया जाता है। सूर्य वृष राशि में होने पर सूर्य, चंद्र व मंगल कृतिका, रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो गर्मी और बढ़ जाती है।

वहीं, वर्षा ऋतु के चक्र में रोहिणी नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। रोहिणी नक्षत्र में तेज आंधी या वर्षा का संयोग बनता है। 15 दिनों तक आंधी-पानी की स्थिति बनती है, तो मानसून में कम वर्षा के आसार बनते हैं।

42-48 डिग्री तक पहुंचता है तापमान

मौसम विभाग नौतपा के दौरान हीट वेव को लेकर चेतावनी (Heat Wave Alert) जारी करता है। इस दौरान तापमान अक्सर 42-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। गर्मी के साथ हवा में नमी की मात्रा अधिक होने से उमस भरी गर्मी का प्रभाव बढ़ जाता है।

मई के अंत और जून के आरंभ में सूरज कर्क रेखा के ठीक ऊपर आ जाता है। इस समय उत्तरी गोलार्ध में सूर्य की किरणें सीधी पड़ती है। देश के मैदानी इलाकों पर सूरज की रोशनी सबसे ज्यादा पहुंचती है।

दिन लंबे और रात छोटी होने के कारण जमीन पूरे दिन भारी मात्रा में गर्मी सोख लेती है। रात में गर्मी धीरे-धीरे निकलती है जिससे रातें भी गर्म रहती है। यही कारण है दिन की तुलना में रात का तापमान भी अधिक होने से गर्मी का एहसास होता है।

वहीं हवा में नमी बढ़ने से पसीना सूख नहीं पाता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे हीट इंडेक्स कहा जाता है। 40-45 डिग्री तापमान और 60-70 प्रतिशत नमी होने से लोगों को 50-55 डिग्री तक गर्मी का एहसास होता है। इसके कारण लोगों को थकान, चक्कर और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

सूर्य की उपासना उत्तम

नौतपा के दौरान सूर्य की उपासना (Nautapa Daand Punya Rules) करना उत्तम होता है। इस दौरान सुबह स्नान करने के बाद तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें लाल चंदन व लाल फूल डालकर सूर्यदेव को जल का अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

इस दौरान आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ, जरूरतमंदों को दान-पुण्य, बड़े-बुजुर्गों की सेवा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस दौरान जल, अन्न, वस्त्र, ऋतुफल, छाता, पादुका का दान करना पुण्यकारी होता है।

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