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'जनता-जनार्दन मेरे लिए ईश्वर का रूप', PM मोदी का संदेश; बिहार में भाजपा ने सुना संबोधन

Published: Wed, 07 Oct 2026 11:18 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना में विकसित भारत संकल्प सभा में अपने 25 साल के सार्वजनिक सेवा काल को जनता ...और पढ़ें

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रदेश महामंत्री संगठन भीखू भाई समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रदेश महामंत्री संगठन भीखू भाई समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद

HighLights

  1. पीएम मोदी ने 25 साल की सार्वजनिक सेवा पूरी की।

  2. जनता को ईश्वर का रूप बताया, आशीर्वाद का परिणाम।

  3. 'सबका प्रयास' संकल्प को बिहार में आगे बढ़ाने का आह्वान।

जागरण संवाददाता, पटना। पटना के मिलर हाईस्कूल मैदान में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑनलाइन संबोधन को बड़ी स्क्रीन पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देखा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रदेश महामंत्री संगठन भीखू भाई समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पीएम मोदी के संबोधन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया।

25 साल की सार्वजनिक सेवा को बताया जनआशीर्वाद का परिणाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद उन्हें नहीं लगा था कि एक दिन सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होंगे।

उन्होंने इसे जनता के निरंतर आशीर्वाद का परिणाम बताया। पीएम ने कहा कि इन वर्षों में विधानसभा और लोकसभा के कई चुनाव हुए और जनता ने उन्हें लगातार सेवा का अवसर दिया।

बिहार के कार्यकर्ताओं ने बड़े स्क्रीन पर सुना संबोधन

पटना में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संबोधन को कार्यकर्ताओं ने बड़े स्क्रीन पर देखा। पीएम मोदी ने लोकतंत्र और संविधान के प्रति आभार जताते हुए कहा कि देश की जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, वह उनके लिए सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने भाजपा, एनडीए और लोकतंत्र में आस्था रखने वाले राजनीतिक साथियों का भी आभार जताया।

‘जनता-जनार्दन मेरे लिए ईश्वर का रूप’

पीएम मोदी ने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता का है। उन्होंने कहा कि जनता-जनार्दन उनके लिए ईश्वर का ही रूप है।

देशवासियों के विश्वास और भाजपा कार्यकर्ताओं के परिश्रम को उन्होंने अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि देश ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, इसलिए देश के प्रति उनका दायित्व भी सबसे अधिक है।

25 साल के अनुभव को बताया देश की पूंजी

प्रधानमंत्री ने अपने 25 वर्षों के अनुभव को बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि यह पूंजी केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे देश की है। उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि सीखने की ललक आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। उन्होंने खुद को आज भी विद्यार्थी बताते हुए हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करने की बात कही।

जीत, हार और आलोचना से सीखने का संदेश

पीएम मोदी ने कहा कि जिसने उन्हें जिताया, उसने विनम्र होना सिखाया और जिसने गिराया, उसने दोबारा खड़ा होना सिखाया।

शुभचिंतकों ने प्रोत्साहित किया तो आलोचकों ने खुद के भीतर झांकने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि हर संकट धैर्य की परीक्षा रहा, जबकि हर सफलता ने जिम्मेदारी और बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का साहस दिया।

बिहार से ‘सबका प्रयास’ के संकल्प पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन केवल पुरानी यादों को दोहराने का नहीं, बल्कि संकल्पों को नई ऊर्जा देने का है। उन्होंने लाल किले से दिए गए ‘सबका प्रयास’ के संदेश को दोहराते हुए भारत को नई बुलंदियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

पटना में आयोजित कार्यक्रम के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस संदेश को बिहार में संगठन और जनभागीदारी से जोड़कर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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