जहानाबाद/सिवान, जागरण टीम। बिहार में लगे लॉकडाउन का असर सब्जियों की कीमत पर पड़ा है। लॉकडाउन के कारण ग्रामीण इलाके में सब्जियां काफी सस्‍ती हो गई हैं, वहीं शहरों में भी सब्‍जियों की कीमत घटी है। इसका नकारात्‍मक असर किसानों की आमदनी पर पड़ा है। सब्जी की बिक्री में उन्हें मुनाफा तो दूर लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है। दरअसल पहले जहां किसान हरी सब्जी को गांव से शहर बेचने के लिए ले जाते थे, जहां उनकी सब्जी बिकती भी थी और मुनाफा भी मिलता था। मगर लॉकडाउन में स्थिति बदल गई है।

वर्तमान समय में हरी सब्जी को गांव से बाहर निकाल पाना मुश्किल है। कब पुलिस की लठ पड जाए। जो शहर से सटे गांव में सब्जी उत्पादन करते हैं, उनके लिए तो फिर भी थोड़ी राहत है कि सुबह में छूट का लाभ उठाते हुए अपनी सब्जी को शहर में बेच आ रहे हैं। हालांकि यहां भी उन्हें अच्छी कीमत नहीं मिल पा रही है।

जो किसान शहर से दुर हैं वे तो किसी तरह गांव में ही घूमकर अपनी सब्जी को बेच पाने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें एक तरफ तो जहां सही मुनाफा नहीं मिल पाता है, वहीं हरी सब्जी बच भी जाती है जिसे औने-पौने दाम में बेच देना पड़ता है।

जहानाबाद में सब्जी की कीमत खुदरा (प्रति किलो)

भींडी-10

नेनुआ-10

कद्दू-10 से 15 रूपए पीस

कटहल-15

पटल- 30

नींबू-10 का तीन

आलू-20

पता गोभी-20

फूलगोभी-15 से 20 रूपए पीस

टमाटर-10

भंटा-10

मैरवा के बाजार में भीड़ कम होने से औने-पौने दाम में बिकीं सब्जियां

लॉकडाउन का असर बुधवार को सिवान के मैरवा में दिखा। सुबह सात बजे से 10 बजे तक तो बाजार में सब्जियों के भाव पूर्व की तरह थे, लेकिन 10 बजे के बाद सब्जी के भाव में अचानक गिरावट आ गई। सब्जी विक्रेता 11 बजे सब्जी बेचकर बाजार से घर लौटना चाह रहे थे।

प्‍याज-आलू की बढ़ी कीमत

परवल 15 से 25 रुपये प्रति किलो बेचा गया। 2 घंटे पहले तक इसकी कीमत बाजार में 30 से 50 रुपये प्रति किलो थी। इसी तरह बोरी 20 रुपये प्रति किलो बेची गई जो 10 बजे के पहले तक 30 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। हरी मिर्च 60 रुपये किलो की जगह 30 रुपये प्रति किलो बिकने लगी। बैंगन 10 रुपये कम कर 40 रुपये किलो बेचा गया। वहीं आलू और प्याज की कीमत में इजाफा देखा गया। प्याज 25 रुपये प्रति किलो और आलू 22 रुपये प्रति किलो बेचा गया जो प्रति किलो 5 रुपये महंगा था।