पटना [जेएनएन]। बिहार में एनडीए ने जहां अपने कोटे की सीटों का पिटारा खोल दिया। वहीं महागठबंधन में अभी तक सस्पेंस बना हुआ है। चर्चा यह भी हो रही है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव के ट्वीट के बाद मामले में पेच फंस गया है, लेकिन इस पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। वहीं रविवार को नए राजनीतिक घटनाक्रम में कांग्रेस के बुलावे पर उपेंद्र कुशवाहा पटना एयरपोर्ट से ही दिल्‍ली लौट गए हैं।  

दरअसल राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को ट्वीट किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि 'संविधान और देश पर अभूतपूर्व संकट है। अगर अबकी बार विपक्ष से कोई रणनीतिक चुक हुई तो फिर देश में आम चुनाव होंगे या नहीं, कोई नहीं जानता? अगर अपनी चंद सीटें बढ़ाने और सहयोगियों की घटाने के लिए अहंकार नहीं छोड़ा तो संविधान में आस्था रखने वाले न्यायप्रिय देशवासी माफ़ नहीं करेंगे।' 

राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चा की मानें तो इस ट्वीट को कांग्रेस ने काफी गंभीरता से लिया है। रविवार को दिल्ली से पटना लौटे उपेंद्र कुशवाहा को अचानक कांग्रेस के वरीय नेताओं का बुलावा आया। कहा जाता है कि जिस समय कुशवाहा के पास फोन आया था, उस समय वे पटना एयरपोर्ट पर ही उतरे ही थे। सो, वे एयरपोर्ट से से ही फिर दिल्ली के लिए दूसरे विमान से लौट गए। 

इधर रविवार की शाम में ही तेजस्वी यादव और विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी पटना लौटने वाले हैं, लेकिन इस संबंध में पटना में महागठबंधन के नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों की मानें तो हम पार्टी के जीतनराम मांझी तीन सीटों से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने बैठक कर पांच सीटों की मांग रखी है। इसी तरह, रालोसपा भी चार सीटों से संतुष्ट नहीं है। पूर्वी चंपारण की सीट को लेकर कुशवाहा अड़े हुए हैं। उस सीट को कांग्रेस छोड़ना नहीं चाह रही है।

Posted By: Rajesh Thakur