NEET UG काउंसलिंग में बिहार के छात्रों को राहत, UP के चार मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी अनारक्षित सीटें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में 91% आरक्षण पर रोक लगा दी है, जिससे अनारक्षित सीटों ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला।
HighLights
यूपी के 4 मेडिकल कॉलेजों में 91% आरक्षण पर रोक।
अनारक्षित सीटों की संख्या बढ़ने से सामान्य वर्ग को लाभ।
नीट-यूजी काउंसलिंग का नया कार्यक्रम जारी, 18 से 26 सितंबर।
जागरण संवाददाता, पटना। उत्तर प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल काॅलेजों में करीब 91 प्रतिशत आरक्षण वाली व्यवस्था पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की रोक का फायदा बिहार के नीट-यूजी अभ्यर्थियों को भी मिलेगा।
अब कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद वैधानिक आरक्षण के आधार पर काउंसलिंग होने से अनारक्षित वर्ग के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या बढ़ जाएगी।
इसका लाभ बिहार समेत दूसरे राज्यों के ऐसे अभ्यर्थियों जो आरक्षित श्रेणी का लाभ नहीं लेते उनके लिए संबंधित सीट पूल में अवसर बढ़ जाएंगे।
चार मेडिकल काॅलेजों में प्रति 85 में सिर्फ सात सीट थीं अनारक्षित
मामला अंबेडकरनगर, कन्नौज, सहारनपुर और जालौन मेडिकल कालेजों की 85-85 राज्य कोटे की सीटों से जुड़ा है। याचिका के अनुसार हर काॅलेज में 62 सीट एससी, पांच एसटी और 11 ओबीसी के लिए आरक्षित थीं।
यानी 85 में से 78 सीटें आरक्षित व सात सीट ही अनारक्षित थीं। अब अधिकतम 50 प्रतिशत सीटें ही आरक्षित वर्ग में होंगी।
18 से 21 तक च्वाइस फिलिंग
नीट यूजी में प्रदेश के बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दूसरे राज्यों की मेडिकल सीटों के लिए ऑल इंडिया काउंसलिंग में शामिल होते हैं।
यूपी की सीटों में अनारक्षित सीटों की संख्या बढ़ने से सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध विकल्प बढ़ेंगे। वहीं बोर्ड ने हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रथम चरण की काउंसलिंग का कार्यक्रम दोबारा जारी कर दिया है।
18 से 21 सितंबर तक च्वाइस फिलिंग, 22 सितंबर को सीट आवंटन और 23 से 26 सितंबर तक नामांकन होगा। पहले चरण में सात सितंबर को हुआ सीट आवंटन अमान्य माना गया है।
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