सुनील राज, पटना: बिहार के बाद विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) उत्तर प्रदेश में अपने पांव जमाने में जुटी हुई है। पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी की नजर यूपी में निषाद वोट पर है। उन्हें पता है कि यूपी की राजनीति में प्रवेश तभी मिल पाएगा जब निषाद वोट उनके साथ खड़ा होगा। इसके लिए सहनी ने मल्लाह नेता फूलन देवी की प्रतिमा का सहारा लिया, पर योगी सरकार ने उनकी मंशा को भांपते हुए जहां फूलन देवी की प्रतिमाएं जब्त कर लीं और उन्हें बनारस में घुसने नहीं दिया। तब मुकेश योगी से नाराज थे पर अब भाजपा और वीआइपी के बीच बात बन सकती है। 

संजय निषाद के चलते भाजपा सहनी को तवज्जो नहीं दे रही थी। संजय का यूपी में निषाद वोटरों पर अच्छा असर है। वह भाजपा के निकट भी रहे हैं। कुछ दिनों में संजय निषाद की जिस प्रकार से भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात का दौर चल रहा था उससे साफ था कि निषाद पार्टी के साथ भाजपा समझौता कर सकती है। वीआइपी को यूपी में भाजपा से भाव न मिलने की एक बड़ी वजह राजनीतिक विश्लेषक यह भी मान रह थे।

स्टिंग के बाद बदल रहे हालात

बीते सप्ताह से हालात बदलते दिख रहे हैं। असल में संजय निषाद एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग आपरेशन में निषाद वोट से लेकर भाजपा से निकटता और मुकेश सहनी के खिलाफ अनाप-शनाप बोलते कैद हो गए। चुनाव के ऐन पहले हुए इस आपरेशन के बाद जाहिर तौर पर भाजपा की मजबूरी संजय निषाद से दूरी बनाने की होगी। ऐसे में बिहार से यूपी पहुंचे सहनी की उम्मीदें भाजपा से बढ़ी हैं। सहनी की पार्टी के सूत्र बताते हैं कि जिस प्रकार बिहार में भाजपा के साथ वीआइपी का गठबंधन है, यूपी में इसके लिए पार्टी प्रयास करेगी। सहनी 15 सितंबर के बाद यूपी के दौरे पर रहेंगे। उम्मीद है कि दोनों पार्टी के नेताओं के बीच बात आगे बढ़ सकती है। 

Edited By: Akshay Pandey