पटना, जागरण संवाददाता। Bihar Education News: शिक्षकों को अपने अधिकार और प्रोन्नति के लिए कालेज और विश्वविद्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। बेहतर कार्य करने वालों के मनचाही जगह पर स्थानांतरण पर भी रोक नहीं होनी चाहिए। उनसे पूरा कार्य लिया जाए। यदि कार्य नहीं करें तो निलंबित करने पर ज्यादा सोचना नहीं चाहिए। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से 4638 शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। ये बातें शुक्रवार को पटना विश्वविद्यालय के 105वें स्थापना समारोह में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहीं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पटना यूनिवर्सिटी बिहार का गौरव है। यहां से कई छात्र निकले हैं जिन्होंने देश-विदेश में इसके नाम को ऊंचाई पर पहुंचाया है। इसे पुन: गौरवशाली स्थिति तक पहुंचाने के लिए सरकार हरसंभव मदद को तैयार है।

शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम स्थल ह्वीलर सीनेट हाउस की जर्जर दशा देख इसका जीर्णोद्धार कराने के लिए वित्तीय मदद देने की घोषणा की। जीर्णोद्धार कर बाहर के अतिथि को बुलाकर बड़ा कार्यक्रम करने का सुझाव दिया। कहा कि कार्यक्रम में वह भी शरीक होंगे।

सरकार की वित्तीय स्थिति अभी बेहतर नहीं

कुलपति प्रो. गिरीश कुमार चौधरी द्वारा प्रशासनिक भवन व एकेडमिक भवन के निर्माण के आग्रह पर कहा कि सरकार की वित्तीय स्थिति बेहतर नहीं है। इसके बावजूद आप तय कर बताएं कि पहले आपको प्रशासनिक भवन की जरूरत है या एकेडमिक भवन की। इसके बाद राज्य सरकार उसके लिए वित्तीय मदद देगी। दोनों के निर्माण के लिए सरकार राशि उपलब्ध कराएगी। शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर 40 स्नातक टापरों को गोल्ड मेडल प्रदान किया। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने टापर सूची को देखकर छात्रों से आत्ममंथन करने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अतुल आदित्य पांडेय व धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव कर्नल कामेश कुमार ने किया।

पढ़ाई का माहौल बनाएं

शिक्षा मंत्री ने कहा कि भले ही शिक्षकों की कमी है लेकिन पढ़ाई का माहौल बनाएं। सभी की कमी दूर की जाएगी। शिक्षा ही एक ऐसी चीज है जो बांटने से बढ़ती है। सभी साथ मिलकर पढ़ाई का माहौल बनाएं। अन्य कमियां अपने आप सामूहिक प्रयास से पूरी हो जाएंगी। गोल्ड मेडल की सूची में अधिकतर छात्राओं के नाम देख कहा कि मुख्यमंत्री का सपना पूरा हो रहा है। कहा कि इसी विश्वविद्यालय के इतिहास के छात्र रहे हैं। मुझे गोल्ड मेडल नहीं मिला था।