राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों में करोड़ों रुपए बिना किसी उपयोग के लंबे समय से पड़े हुए हैं। विश्‍वविद्यालय न तो इसका इस्‍तेमाल कर रहे थे और न ही इसकी जानकारी सरकार को दे रहे थे। इस राशि को सरकार को लौटाया भी नहीं जा रहा था। इसका पता सरकार को पिछले अप्रैल माह में चला तो वित्‍त विभाग भी चौंक गया। 

257 करोड़ रुपए का है ये मामला 

अब विश्‍वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन बहाल करने के लिए एक और सख्त कदम उठाया है। वित्त विभाग ने बरसों से सरकार को बिना सूचना दिए पीएल एकाउंट (पर्सनल लेजर एकाउंट) में जमा 257 करोड़ से ज्यादा की राशि को विश्वविद्यालयों को लौटाने का आदेश दिया है। सप्ताह भर के अंदर राशि वापस नहीं किया तो इसे वित्तीय अनियमितता माना जाएगा।

बिना किसी उपयोग के पड़ी है राश‍ि 

वित्त विभाग की सलाह पर पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों को आगाह करते हुए निर्देश दिया है कि पीएल एकाउंट की राशि को गवर्नमेंट आफ बिहार के नाम बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग के मुताबिक राज्य के विश्वविद्यालयों के पीएल एकाउंट में जमा राशि का पता इसी साल चार अप्रैल को चला था। यह राशि बिना उपयोग के विश्वविद्यालयों के उक्त खाते में जमा पड़ी है।

वित्‍त विभाग के परामर्श के बाद आदेश जारी 

तब इस पर कुलसचिवों और वित्त अफसरों को चेताया गया था कि संरकार को बिना संज्ञान में दिये यह राशि कैसे जमा कर रखा है और इसे इस्तेमाल में क्यों नहीं लाया गया? इस पर कुलसचिवों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को राशि वापस लेने संबंधी प्रस्ताव भेजकर आवश्यक मार्गदर्शन मांगा था। वित्त विभाग से प्राप्त परामर्श के तहत शिक्षा विभाग ने  आदेश जारी किया है।

इन सभी विश्‍वविद्यालयों में गड़बड़ी 

यह आदेश पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, वीर कुंवर ङ्क्षसह विश्वविद्यालय, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, बीएन मंडल विश्वविद्यालय और मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय के कुलसचिवों को दिया गया है।

Edited By: Shubh Narayan Pathak