'अब पाप धोने का समय आ गया है...', UCC के मुद्दे पर तेजस्वी के MLA ने नीतीश को घेरा, BJP का साथ छोड़ने की अपील
अमित शाह के UCC बयान के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है, जहां RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने नीतीश ...और पढ़ें
HighLights
अमित शाह के UCC बयान से बिहार की राजनीति में हलचल।
RJD विधायक ने नीतीश कुमार को भाजपा छोड़ने का दिया ऑफर।
नीतीश पर भाजपा को बिहार में मजबूत करने का आरोप लगाया।
डिजिटल डेस्क, पटना। UCC पर अमित शाह के बयान के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। JDU और चिराग की पार्टी लोजपा ने भाजपा के एजेंडे से किराना किया है। इस बीच RJD ने नीतीश कुमार को सरकार बनाने का ऑफर देकर राजनीति सरगर्मी बढ़ा दी है।
गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि जिन 21 राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA की सरकार है, वहां 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दिया जाएगा।
अमित शाह के बयान के बाद तेजस्वी यादव की पार्टी राजद के कद्दावर विधायक भाई वीरेंद्र ने अपने बयान ने नीतीश कुमार को भाजपा का साथ छोड़कर गठबंधन के साथ मिलकर नई सरकार बनाने का ऑफर दिया है।
नीतीश की वजह से पनपी भाजपा: भाई वीरेंद्र
उन्होंने आज फिर अपने बयान को दोहराते हुए कहा कि बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार राजनीति में समाजवादी पृष्ठभूमि के रहे हैं। यहां भाजपा के पैर जमाने का काम उन्होंने ही किया है। अगर वो ऐसा पाप नहीं करते तो शायद यहां भाजपा नहीं पनपती।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि मैंने इसलिए नीतीश कुमार को सरकार बनाने का ऑफर दिया है कि अब इस पाप को धोने का समय आ गया है। UCC के मामले में जदयू भी स्पष्ट है कि ये बिहार में लागू नहीं होगा।
उन्होंने नीतीश कुमार को ऑफर देते हुए कहा कि UCC के मुद्दे पर भाजपा से अलग होकर राजद-कांग्रेस वाले महागठबंधन में आइए। हम मिलकर सरकार बनाते हैं और भाजपा को भगाते हैं।
UCC पर भाजपा को घेरा
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने UCC के मुद्दे पर कहा कि देश जब गुलाम था, तब आजादी की लड़ाई सभी धर्म के लोगों ने लड़ी। सभी ने अपनी जान की कुर्बानी देकर इस देश को आजाद करवाया। ऐसा इसलिए नहीं किया था कि इस देश में UCC लागू हो। यह देश धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है और यहां सभी धर्म के लोगों को अपना-अपना धर्म मानने का अधिकार है।
राजद विधायक ने कहा कि UCC यहां लागू नहीं हो सकता। देश में महंगाई है, बेरोजगारी है, अपराध पर लगाम नहीं लग रहा है; तो ध्यान भटकाने के लिए इस विषय को लाया गया है कि हम NDA शासित राज्यों में इसे लागू करेंगे। ऐसे कैसे लागू कर देंगे? जो मन करेगा, वो करेंगे क्या? हम इसका कड़ा विरोध करेंगे।"
