विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

क्या Amit Shah के UCC प्लान पर बिहार में लगा ब्रेक? JDU ने किया किनारा, समर्थन में सिर्फ मांझी की 'हम'

Published: Tue, 15 Sep 2026 12:51 AM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा पर बिहार एनडीए में मतभेद सामने आए हैं।

क्या अमित शाह के UCC प्लान पर बिहार में लगा ब्रेक?

क्या अमित शाह के UCC प्लान पर बिहार में लगा ब्रेक?

HighLights

  1. अमित शाह की यूसीसी घोषणा पर बिहार एनडीए में मतभेद।

  2. जदयू ने बिहार में समान नागरिक संहिता लागू करने का विरोध किया।

  3. चिराग पासवान ने यूसीसी प्रारूप सार्वजनिक करने की मांग की।

राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 2029 से पहले भाजपा और एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की घोषणा को बिहार में ग्रहण लग सकता है।

जदयू में इसका विरोध शुरू हो गया है, जबकि लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि यूसीसी के प्रारूप को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इसके बाद सभी संबंधित हितधारकों के हितों और प्रविधानों का व्यापक स्तर पर अवलोकन होना चाहिए। व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही पार्टी इस विषय पर अपना मत रखेगी।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने कहा है कि यूसीसी (UCC) पर केंद्र सरकार का क्या प्रस्ताव आता है, उसके आधार पर विचार-विमर्श करके पार्टी अपना पक्ष रखेगी। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने यूसीसी का समर्थन किया है।

इस बीच, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत करेंगे।

प्रसाद के मुताबिक, यह जानकारी स्वयं संजय झा ने उन्हें दी है। श्याम रजक बोले- बिहार में नहीं लागू होगा यूसीसी विरोध की शुरुआत जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक श्याम रजक के हवाले से हुई है।

उन्होंने दो टूक कहा कि बिहार में किसी भी हालत में समान नागरिक संहिता लागू नहीं होगी। संसद में जब यूसीसी से जुड़ा कानून पास हो रहा था, तब जदयू ने उसका समर्थन किया था। शर्त यही थी कि इसे बिहार में लागू नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उसी समय अपनी राय से एनडीए नेतृत्व को अवगत करा दिया था। आज तक जदयू उसी पर कायम हैं। राज्य में केवल भाजपा की सरकार नहीं है। यह एनडीए की सरकार है।

सामाजिक विविधता और समुदायों की परंपराओं को ध्यान में रखना जरूरी: चिराग

चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि प्रारूप सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। कहा कि किसी भी व्यवस्था पर विचार करते समय सामाजिक विविधता और अलग-अलग समुदायों की परंपराओं को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी समानता और विविधता, दोनों के प्रति प्रतिबद्ध है।

हम का है पूरा समर्थन: संतोष सुमन

हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने यूसीसी का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने जो दृढ़ संकल्प किया है, हम उसका स्वागत करते हैं।

उन्होंने गृहमंत्री से अनुसूचित जाति के आरक्षण में कोटे में कोटा और वर्गीकरण के विषय पर भी पहल करने का आग्रह किया है।

यह भी पढ़ें- बिहार MLC चुनाव में 'तीसरे मोर्चे' की दस्तक: RJD-JDU ने कसी कमर, 20 सितंबर को जन सुराज खोलेगा अपने पत्ते