पटना, जागरण संवाददाता। बिहार की राजधानी पटना में दो मासूम बच्चियां मानव तस्‍करी गिरोह के हाथ लगने से बाल-बाल बच गईं। इन बच्चियों को इनके शिक्षक ने ही अपहरण कर बंधक बना लिया था। दोनों बच्‍च‍ियों को पटना से बाहर भेजने की तैयारी थी। जक्कनपुर थाना क्षेत्र से 24 घंटे पहले गुम हुई दोनों बच्चियां मंगलवार की देर रात चांदमारी रोड नंबर आठ में मिली। इन्हें पेशे से दर्जी जफर ने हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंधक बना रखा था। कंकड़बाग थानेदार सुमन ने बताया कि दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है। एक बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति सामान्य बताई है।

थानाध्‍यक्ष ने बताया कि दोनों बच्चियां टीपीएस कॉलेज के आसपास की रहने वाली बताई जा रही हैं। सोमवार की सुबह 10:00 बजे पार्क में घूमने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान पूर्व परिचित जफर से उनकी मुलाकात हो गई। जफर उन्हें बहला-फुसलाकर चांदमारी रोड स्थित अपने घर लाया। सोमवार की रात छोटी का हाथ बांध दिया। वहीं, बड़ी बहन ने विरोध किया तो उसकी पिटाई कर शरीर पर ठंडा पानी डाल दिया। मंगलवार की शाम रोहित नाम के एक युवक ने जफर को बताया कि पुलिस केस हो चुका है। इसके बाद दोनों बच्चियों को घर जाने के लिए कहा गया। इसी दौरान बच्ची की तलाश कर रहे स्वजन दर्जी के घर के पास पहुंच गए। बच्ची ने स्वजन को पूरी कहानी बताई। यह सुनकर वहां जुटे स्थानीय लोग उग्र हो गए, और दुकानदार की पिटाई करने लगे।

दोनों को बाहर भेजने की थी साजिश

छोटी बच्ची ने स्वजन को बताया कि दोनों को खाना नहीं दिया गया। सुबह जफर कह रहा था कि दोनों को बाहर भेजना है। थानेदार ने बताया कि जफर बच्चियों को पढ़ा भी चुका है। पूरे मामले की तहकीकात की जा रही है।