'नाम में नहीं, नीतीश कुमार के काम में है असली पहचान'; नीतीशपुर की मांग पर JDU का जवाब
बिहार में बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर करने की मांग के बाद स्थानों के नाम बदलने की होड़ लग गई है। ...और पढ़ें

बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग पर उमेश सिंह कुशवाहा ने दिया बयान। वीडियो ग्रैब
HighLights
बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर करने की मांग से बिहार में बहस छिड़ी।
विभिन्न नेताओं ने रामविलास, लालू, शरद यादव के नाम सुझाए।
जदयू ने नीतीश कुमार के विकास कार्यों को सबसे बड़ी पूंजी बताया।
डिजिटल डेस्क, पटना। बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीशपुर करने की मांग के बाद बिहार में शहरों, स्थानों और सड़कों के नामकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है।
एक मांग के बाद अब अलग-अलग नेताओं की ओर से राजनीतिक और सामाजिक योगदान देने वाले नेताओं के नाम पर स्थानों और सड़कों के नामकरण की मांग उठने लगी है।
बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम नीतीशपुर करने की मांग उठाई थी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के साथ-साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के नाम पर स्थानों के नामकरण और आदमकद प्रतिमाएं लगाने की मांग रखी।
वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव और रघुवंश प्रसाद सिंह के साथ रामविलास पासवान की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मांग की।
JDU ने गिनाईं नीतीश कुमार की उपलब्धियां
नाम बदलने की मांग को लेकर शुरू हुई सियासत के बीच जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने नीतीश कुमार के काम और उपलब्धियों को पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी बताया।
संतोष कुमार सुमन की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि नाम में उतनी बात नहीं है। उनके नेता के सामने काम मायने रखता है।
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार ने बिहार में विकास की ऐसी लकीर खींची है, जिसे स्वतंत्र भारत के इतिहास में कोई अन्य मुख्यमंत्री नहीं खींच पाया।
उन्होंने बिहार के पुराने हालात का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को बीमारू की स्थिति से निकालकर विकास की राह पर लाने में नीतीश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
'हमारे नेता हमारी सबसे बड़ी पूंजी'
JDU प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनका चेहरा, काम और उपलब्धियां ही उनकी पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि नामकरण से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए क्या काम किया और उनके कार्यकाल में राज्य में किस तरह का बदलाव आया।
उन्होंने कहा कि बिहार आज जिस विकास और परिवर्तन की बात कर रहा है, उसके पीछे नीतीश कुमार के नेतृत्व में किए गए कार्यों की बड़ी भूमिका है।
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उनके मुताबिक, पार्टी के लिए नीतीश कुमार की पहचान किसी स्थान के नाम से नहीं, बल्कि उनके काम और उपलब्धियों से होती है।
