पटना [राज्य ब्यूरो]। पिछले दो हफ्ते से बिहार में बारिश और धान की रोपाई दोनों रफ्तार में है। 27 जुलाई को आपदा प्रबंधन ग्र्रुप की बैठक में शीर्ष स्तर पर सूखे की आशंका जताई गई थी, जिससे पूरा प्रदेश अब लगभग उबरता दिख रहा है।

मक्के की बुआई लक्ष्य के करीब पहुंच गई है, जबकि धान की रोपाई अभी भी करीब हफ्ते भर पीछे चल रही है। करीब दो हफ्ते पहले 22 जुलाई को बिहार में औसत बारिश में 48 फीसद की कमी थी, जो अब सिर्फ 16 फीसद रह गई है। 

कृषि विभाग ने चालू मौसम में 34 लाख हेक्टेयर में धान रोपाई का लक्ष्य रखा है। इसकी तुलना में सोमवार तक 23.56 लाख हेक्टेयर में रोपाई हो चुकी है। हालांकि पिछले साल छह अगस्त तक बिहार में लक्ष्य के विरुद्ध 31 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी है। इस लिहाज से अभी रोपाई काफी पीछे चल रही है। सूखे के बावजूद बिचड़ा लगाने का लक्ष्य किसानों ने अपने संसाधनों से लगभग पूरा कर लिया था, लेकिन बारिश के अभाव में रोपाई का काम प्रभावित हो रहा था।

27 जुलाई के बाद मौसम के यूटर्न से रोपाई में भी गति आ गई। वहीं बांका, बक्सर, पश्चिमी चंपारण एवं भागलपुर जिले में अभी तक जरूरत से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि कई जिलों का हाल अभी भी बुरा है। सारण, वैशाली, सहरसा, सिवान एवं मुजफ्फरपुर जिले में तो अभी भी 40 फीसद से कम बारिश हुई है। 

मक्के की बुआई से सुकून 

सूखे के हालात के बावजूद मक्के की बुआई की रफ्तार ठीक है। पिछले साल छह अगस्त तक चार लाख हेक्टेयर से अधिक में मक्के की बुआई हो चुकी थी। इस बार अभी तक 3.72 लाख हेक्टेयर तक बुआई हो चुकी है, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा ही कम है। कृषि विभाग ने 4.75 लाख हेक्टेयर में मक्के की बुआई का लक्ष्य तय किया है, जिसे अगले हफ्ते तक प्राप्त करने की उम्मीद है। 

ये जिले अभी भी बेहाल

वैशाली -61

सारण : -51

सहरसा : -48

मुजफ्फरपुर : -42

सिवान : -40

(नोट : बारिश का प्रतिशत माइनस में)

 

Posted By: Kajal Kumari

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