पटना [जेएनएन]। स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक की राज्य सरकार की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

गिरधारी यादव के गैर सरकारी संकल्प पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वित्त विभाग की सहमति के बाद डेढ़ दशक पहले राज्य में चिकित्सकों के लिए नॉन प्रैक्टिस भत्ता लागू किया गया था। इसके बाद भी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस में कोई कमी नहीं आयी। फायदा न होता देख नॉन प्रैक्टिस भत्ता योजना बंद कर दी गई।

ड्यूटी अवधि में गायब रहने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार डॉक्टरों द्वारा ड्यूटी अवधि में गायब रहने को बर्दाश्त नहीं करेगी। हम इसको लेकर सख्त हैं। अबतक ड्यूटी अवधि में गायब रहने वाले 100 से अधिक चिकित्सकों पर कार्रवाई हुई है। 

प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई

मानक के अनुसार दवा आपूर्ति नहीं होने के कारण 37 दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन दवाओं की आपूर्ति करने वाली कंपनियों के खिलाफ सरकार एक महीने के भीतर कार्रवाई करेगी। संजय सरावगी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने विधानसभा में यह जानकारी दी।

जिवेश कुमार के सवाल पर मंत्री ने कहा कि पीएमसीएच में अभी आठ डायलिसिस मशीन कार्यरत हैं। इनसे 2016 में 2407 मरीजों की डायलिसिस हुई है। खराब मशीनें अगले वित्तीय वर्ष में ठीक कर ली जाएंगी।

Posted By: Kajal Kumari

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