पटना [जेएनएन]। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बेनामी संपत्ति का नया मामला उजागर होने के बाद तेजस्वी यादव से कई सवाल पूछे जिसका जवाब देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि सुशील मोदी खुद बड़े धांधलीबाज़ और फ़रेबी व्यक्ति हैं। उन्होंने तो अपने सगे भाई को अपना दूर का रिश्तेदार बता दिया।

जो व्यक्ति  अपने भाई को रिश्तेदार बताता हो तो सोच लीजिये वह इंसान कितना बड़ा फ़्रॉड होगा? अगर फिर भी कोई उनकी बातों पर यक़ीन करता है तो समझिए कि वह जान-बूझकर ज़हर पी रहा है।

सुशील मोदी का अप्रवासी परिवार खुद अरबों की काली कमाई के ढेर पर बैठा है और हमसे सवाल-जवाब कर रहा है। मैं भी पूछता हूं कि सुशील मोदी यह साफ़ क्यों नहीं करते कि छोटे से कपड़े की दुकान चलाने वाला मोदी खानदान आज खरबों का मालिक कैसे बन बैठा?* 

इनके भाई राजकुमार मोदी की 10 हज़ार करोड़ की रीयल इस्टेट कंपनी इनके उपमुख्यमंत्री बनने के बाद कैसे आगे बढ़ी? इनकी बहन रेखा मोदी को सृजन घोटाले के पैसे में बन्दरबांट करने में सुशील मोदी ने कैसे मदद की?

यह ललित छाछवरिया इनका कौन सा रिश्तेदार जो इनके खानदान को खरबों की मनी लॉन्ड्रिंग में मदद कर रहा है?क्यों बार बार शिकायतों के बावजूद वित्त मंत्री रहते इन्होंने और मुख्यमंत्री ने सृजन घोटाले में जांच के आदेश नहीं दिए?

क्यों नहीं सुशील मोदी जेब में पड़े अगले हुक्म का इंतज़ार कर रहे जांच एजेंसियों को अपने भाई के काले कारोबार की जांच करने के लिए ईडी, सीबीआइ और आइटी को लिखते हैं?

जो खुद घोटालेबाज़ है, वो आए दिन संवाददाता सम्मेलन में घोटाला-घोटाला चिल्लाता है पर अपने पूरे कुनबे के घोटालों पर चुप्पी साध कर बैठा रहता है।

सुशील मोदी की कुर्सी हिलने लगी है तो फिर एक साल बाद नामी- बेनामी का बेसुरा राग अलापना शुरू कर दिया है। आप आदरणीय है, बुज़ुर्ग है इसलिए यह तो नहीं कहूंगा कि आप बेशर्म है। लेकिन मेरे बार-बार आपके मनपसंद जगह और समय पर खुली बहस की चुनौती देने के बावजूद आप चुप्पी साधे हुए है।

शायद अपने ख़ानदान के काले कारनामों व घोटालों के डर से मुझसे बहस करने की आपमें हिम्मत नहीं। आप स्वयं भी जानते है कि आप हमेशा बेशर्मी भरी, बेतुकी और अतार्किक बात करते है।

अरे ख़ुलासा मियां, आप अपने आकाओं के दम पर इन्कम टैक्स और दूसरे एजेन्सियों के अधिकारियों को डरा सकते है हमें नहीं। केंद्र और राज्य में आपकी सरकार है। अब आपको जांच करने से कौन रोक रहा है? जांच करें और ख़ूब तसल्ली से करें।

केंद्र और राज्य में आप सरकार में हैं ही तो मीडिया के सामने यह झूठी हवाबाज़ी क्यों? पीसी करके ज़ुबानी तीर से क्या हासिल होगा? अगर निशाना जनता का विश्वास जीतने का है, जनादेश के चीरहरण को सही ठहराने का है और तेजस्वी के लगातार मिल रहे प्यार, समर्थन और विश्वास को रोकने का है, तो इतना भी भ्रम ना पालें! बिहार की जनता मूर्ख नहीं जो आपका उगला हर बासी झूठ बिना सोचे समझे निगलते जाए!

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Posted By: Kajal Kumari