'जनता को सच जानने का हक'; CM सम्राट चौधरी की पारदर्शिता पर तेजस्वी यादव के तीखे सवाल
बिहार विधानसभा सत्र के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री ...और पढ़ें
HighLights
तेजस्वी ने सीएम सम्राट चौधरी की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
लंबित मामलों, शपथपत्र, उम्र की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग।
बिहार विधानसभा सत्र में विपक्ष ने सरकार को घेरा।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरते हुए तीखा हमला बोला।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पहले सदन के भीतर और इसके बाद बाहर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
केस, शपथ और उम्र की जानकारी सार्वजनिक करें
तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने खिलाफ लंबित मामलों, शपथपत्र और उम्र से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक करनी चाहिए।
लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और उसे यह जानने का पूरा अधिकार है कि राज्य के शीर्ष पद पर बैठा व्यक्ति किन परिस्थितियों और तथ्यों के आधार पर सत्ता में है।
विपक्ष ने इसे विश्वास का संकट करार देते हुए सरकार पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। सदन में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला।
सरकार बनने में ही 40 फीसदी समय बर्बाद
इससे विधानसभा की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। राजनीतिक गलियारों में इस टकराव को और जनमत को प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
तेजस्वी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पांच साल में पांच सरकार बनी। करीब 40 फीसदी समय तो इसी में बर्बाद हो गया तो काम कब हुआ।
निशांत भी अमित शाह के हवाले से कह चुके हैं कि नीतीश जी 30 तक रहेंगे। नीतीश जी को जाना होता तो वे चुनाव के समय बोल सकते थे। ये तो हमलोग कह ही रहे थे कि बीजेपी उन्हें नहीं रहने देगी।
तेजस्वी ने एक बार फिर दोहराया कि सम्राट के सीएम बनने से भाजपा के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में खुशी नहीं बल्कि मायूसी है।
