'वोट चोरी में सहभागी ज्ञानेश की गिरफ्तारी होनी चाहिए', दिल्ली रवाना होने से पहले तेजस्वी का बड़ा हमला
दिल्ली रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग दोहराई, उन पर भाजपा से मिलीभगत और वोट चोरी का आरोप लगाया।

HighLights
तेजस्वी ने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
ज्ञानेश कुमार पर भाजपा से मिलीभगत और वोट चोरी का आरोप।
बिहार में कानून-व्यवस्था और चिराग पासवान पर भी साधा निशाना।
राज्य ब्यूरो, पटना। एसआइआर के विरुद्ध नई दिल्ली में होने वाली आईएनडीआईए की बैठक में सहभागिता के लिए राजद कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव मंगलवार को दिल्ली रवाना हो गए। पटना में उन्होंने विपक्ष की उस मांग को दोहराया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए।
आरोप लगाया कि कि भाजपा से उनकी मिलीभगत उजागर हो गई है। विशेषकर यह कि कैसे वोट की चोरी हुई। कैसे भाजपा को एक के बाद एक चुनाव जीतने में सहायता की गई। ज्ञानेश कुमार ने बिहार में यह तरीका शुरू किया और बाद में इसे पूरे देश में लागू किया।
वोट चोरी का यह तरीका स्वयं दो चुनाव आयुक्तों ने उजागर किया है। भाजपा संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद कर रही है और उनका गलत उपयोग कर रही है। इसलिए उसे सत्ता से हटाने की आवश्यकता है।
मां-बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं, दुष्कर्म की घटनाएं शर्मसार कर रहीं
एक्स पर पोस्ट कर तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। बेगूसराय और गया में दुष्कर्म की घटनाओं को शर्मसार करने वाला बताया। लिखा कि राज्य में असुरक्षा, अन्याय और अत्याचार का माहौल है। मां-बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं। सरकार हाथ-पर-हाथ धरे बैठी है। प्रधानमंत्री भी मौन हैं, ताकि अगले चुनाव में फिर से जंगलराज का रोना रो सकें।
चिराग पर कटाक्ष
लोजपा-रामविलास के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर कटाक्ष किया है। लिखा है कि ऐसा केंद्रीय मंत्री बनने का क्या लाभ, जब आपकी सरकार में आपकी कोई सुने ही नहीं! आखिर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं कोई अधिकारी इनकी क्यों नहीं सुनता है! उल्लेखनीय है कि बिहार में कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए चिराग प्रशासन को निकम्मा बता चुके हैं। सरकार में अपने होने पर क्षोभ जता चुके हैं।
