जागरण टीम, पटना। बिहार की कुशेश्वरस्थान और तारापुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव से पहले महागठबंधन बिखर गया है। कांग्रेस और राजद अलग-अलग होकर इलेक्शन लड़ रहे हैं। घटक दल के साथी अलग हुए हैं तो जुबानी हमला भी शुरू हो गया है। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले साल संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस 70 के बदले 50 सीट पर चुनाव लड़ी होती तो आज हमारी सरकार राज्य में होती। शिवानंद ने यह भी साफ किया कि उपचुनाव के परिणाम महागठबंधन में कांग्रेस का भविष्य तय करेंगे। अगर पार्टी की जीत होती है तो वह पहले जितनी सीट का दावा कर सकती है, लेकिन अगर परिणाम उलट होता है तो ऐसी मांग दोबारा नहीं होनी चाहिए। नीतीश सरकार पर हमला करते हुए शिवानंद ने कहा कि बिहार मजदूरों का सप्लायर बन गया है। राज्य में रोजगार न मिलने के कारण लोग पलायन कर रहे हैं। 

शिवानंद ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है। देश के कई राज्यों में उसे 35 प्रतिशत से अधिक वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि हम खुद चाहते हैं कि कांग्रेस मजबूत हो। शिवानंद ने कहा कि सांप्रदायिक राजनीति, पुरखों की कमाई संपत्ति और चुने हुए लोगों को लाभ पहुंचाने जैसे मामले कांग्रेस के मजबूत होने से खत्म हो सकते हैं। कांग्रेस की ओर से उपचुनाव में जीत के दावे पर शिवानंद ने कहा कि यह देखना जरूरी है कि राजद और कांग्रेस का बिहार में क्या आधार है। आकलन से यह साफ हो जाएगा कि किसकी क्या स्थिति है। शिवानंद ने कहा कि कांग्रेस ही नहीं कुशेश्वरस्थान पर तारापुर में एनडीए भी हमारे मुकाबले कहीं नहीं है। दोनों ही सीटों पर राजद के उम्मीदवार ही बाजी मार रहे हैं। चुनाव एकतरफा है। शिवानंद ने कहा कि यह भी स्वीकार किया कि नीतीश सरकार में सड़कें काफी बनी हैं। बिजली की स्थिति भी राज्य में सुधरी है, लेकिन बड़ी-बड़ी जमीनों के निर्माण में राज्य के पैसा बरबाद किए गए हैं। 

Edited By: Akshay Pandey