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बिहार में निवेश करेंगी ताइवान और दक्षिण कोरिया की टेक कंपनियां, युवाओं को मिलेंगे रोजगार

Published: Sun, 20 Sep 2026 08:20 PM (IST)

उद्योग विभाग के अनुसार, ताइवान और दक्षिण कोरिया की बड़ी टेक-पावर कंपनियां बिहार में सेमीकंडक्टर, आईटी और एआई जैसी भविष्य की तकनीकों में निवेश करने को इच्छुक हैं।

सीएम सम्राट चौधरी। (फाइल फोटो)

सीएम सम्राट चौधरी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. ताइवान, दक्षिण कोरिया की कंपनियां बिहार में निवेश को इच्छुक।

  2. सेमीकंडक्टर, आईटी, एआई जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान।

  3. बोधगया, राजापाकर में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जारी।

राज्य ब्यूरो, पटना। उद्योग विभाग का दावा है कि अब ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसी दुनिया की बड़ी टेक-पावर कंपनियां बिहार में अपना भविष्य देख रही हैं।

सेमीकंडक्टर, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी भविष्य की तकनीकों में निवेश के लिए वे बिहार आने को तैयार हैं।

दरअसल, बिहार की पहचान अब हाई-टेक हब के रूप में उभर रही है। यह राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का सुफल है।

उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने दिल्ली में आयोजित सेमीकान इंडिया-2026 में कहा कि बिहार में टेक्नोलाजी आधारित उद्योग के लिए भी अपार संभावनाएं हैं। आने वाले दिनों में बिहार मात्र उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनेगा।

सरकार हाई-टेक प्लेटफार्म और आधुनिक विनिर्माण इकाइयों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। सेमीकंडक्टर फैब (फैब्रिकेशन फैसिलिटी), असेंबलिंग और डिजाइन यूनिट स्थापित करने पर विशेषकर फोकस है।

इसके लिए मजबूत इको-सिस्टम तैयार किया जा रहा है। बोधगया में 1700 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और वैशाली के राजापाकर में इलेक्ट्रानिक सिटी जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

यह पहल बिहार को देश के सेमीकंडक्टर मैप पर मजबूती से स्थापित करेगा। उद्योगों की स्थापना से लाखों युवाओं को हाई-स्किल नौकरियां मिलेंगी और तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

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