पटना [राज्य ब्यूरो]। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि गया जिले में सामूहिक दुष्कर्म की दुखद घटना के बाद जब नाबालिग पीडि़ता को मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था, तब राजद विधायक सुरेंद्र प्रसाद यादव और पार्टी के प्रधान महासचिव समेत छह नेताओं ने पीडि़ता को जबरन पुलिस गाड़ी से उतार कर न केवल बलात्कार की पीड़ा सबके सामने बताने के लिए बाध्य किया, बल्कि उसकी पहचान भी सार्वजनिक की। यह जघन्य अपराध है।

सुशील मोदी ने कहा कि विधान परिषद में प्रतिपक्ष की नेता राबड़ी देवी बताएं कि एक बच्ची की पीड़ा पर राजनीति करने वालों को क्या सजा दी जाए? उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने प्रोन्नति में आरक्षण की दमदार पैरवी की, जिससे शीर्ष अदालत का अनुकूल आदेश प्राप्त हुआ। इसका तुरंत पालन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों में एससी-एसटी के लिए पदोन्नति में आरक्षण लागू करने के आदेश भी जारी कर दिये गए। बिहार सरकार पहले ही इस मुद्दे पर याचिका दायर कर चुकी थी। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर लोगों को गुमराह कर सत्ता लूटने वालों की बोलती बंद होने वाली है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर जीरो बैलेंस पर जिन 35 करोड़ लोगों के जन-धन खाते खुले, उनमें अब 85000 करोड़ रुपये जमा हैं। ये पैसे सरकारी योजनाओं में लूट के जरिये दलालों-बिचौलियों की जेब में जाने से बच गए और गरीबों के खाते में आए। कालाधन पर अंकुश और रोजगार सृजन में डिजिटल इंडिया कमाल कर रहा है।

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