पटना [राज्य ब्यूरो]। राहुल गांधी ने कांग्रेस महाधिवेशन के अध्यक्षीय भाषण में सुभाषचंद्र बोस से लेकर आचार्य कृपलानी तक, किसी भी पूर्व अध्यक्ष को याद नहीं कर यही साबित किया कि उन्हें इस देश की महान नेतृत्व परंपरा और पूर्वजों का सम्मान करने की संस्कृति से किस हद तक काट दिया गया है। उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने यह ट्वीट मंगलवार को किया।

उन्होंने लिखा है कि जिन्होंने अपनी पार्टी का इतिहास भुला दिया, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और रामसेतु तोडऩे वाली योजना को मंजूरी दी, वे रामायण-महाभारत क्या पढ़ेंगे? उनकी मां ने गांधारी की तरह पुत्र-मोह की पट्टी बांध ली है, इसलिए उन्हें 133 वर्ष पुरानी पार्टी में बेटे के अलावा कोई योग्य नेता दिखाई नहीं देता। जो लोग पांडव बन रहे हैं, उनके परिवार ने 60 साल तक दूसरों को शासन करने नहीं दिया।

ट्वीट में सुशील मोदी ने लिखा है कि अरविंद केजरीवाल और लालू प्रसाद की राजनीति दूसरों पर तथ्यहीन आरोप लगाने से परवान चढ़ी, लेकिन महाझूठ की पोल खुलने के साथ उनका पानी भी उतर गया। कभी केजरीवाल को खींच कर गले लगाने वाले लालू प्रसाद को अब उनसे माफीनामा लिखना सीखना चाहिए। इसकी शुरुआत वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीतीश कुमार से लिखित माफी मांग कर तो कर ही सकते हैं। जो वकील संपत्ति जब्त होने से नहीं बचा पाए, उन्हें माफीनामा लिखने का काम मिल जाएगा।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि एनडीए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में खासी वृद्धि कर किसानों को प्रोत्साहित किया, जिससे इस साल देश में सरसों, तोरिया और तारामीरा के उत्पादन में 10 लाख टन की वृद्धि के साथ 72 लाख टन तिलहन पैदा होने का अनुमान है। बंपर उत्पादन से खाद्य तेल सस्ता होगा। सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और महंगाई घटाने के दोहरे वादे पूरे कर रही है।

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Posted By: Ravi Ranjan