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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुमो का नया खुलासा- एक और अनजान व्यक्ति ने दी है राबड़ी देवी को जमीन

By Ravi RanjanEdited By:
Published: Tue, 06 Jun 2017 01:57 PM (IST)Updated: Wed, 07 Jun 2017 10:58 PM (IST)

भाजपा नेता सुशील मोदी ने नया खुलासा करते हुए कहा कि एक और व्यक्ति ने राबड़ी देवी को जमीन गिफ्ट ...और पढ़ें

सुमो का नया खुलासा- एक और अनजान व्यक्ति ने दी है राबड़ी देवी को जमीन
सुमो का नया खुलासा- एक और अनजान व्यक्ति ने दी है राबड़ी देवी को जमीन

पटना [जेएनएन]। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के कुनबे के खिलाफ 65वें दिन भी हमला जारी रखा। उन्होंने कहा कि लालू, तेजस्वी और तेजप्रताप ने ही नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी कालेधन को सफेद करने के लिए 31 लाख रुपये की जमीन दान ली।

सुमो जनता दरबार कार्यक्रम के बाद मंगलवार को पोलो रोड स्थित आवास पर पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने राबड़ी देवी द्वारा दान में ली गई जमीन का दस्तावेज मीडिया के समक्ष जारी किया। कहा, कांति सिंह, रघुनाथ झा, प्रभुनाथ सिंह, सुधा श्रीवास्तव, अब्दुलबारी सिद्दीकी और बादशाह आजाद से दान में जमीन लेने की शृंखला खत्म नहीं हुई है।

अब राबड़ी देवी के ललन चौधरी नाम के एक अनजान व्यक्ति से जमीन और मकान गिफ्ट लेने का मामला सामने आया है। यह जमीन पटना के सगुना इलाके में है। 31 लाख रुपये की यह संपत्ति ललन चौधरी ने राबड़ी देवी को दान में दी। 

बकौल सुमो, ललन चौधरी ने 2009 में यह जमीन 3.97 लाख में खरीदी थी। पांच साल बाद उसने यह संपत्ति राबडी देवी को दान दे दी। उस समय इसकी कीमत 31 लाख रुपए रखी गई। मोदी ने कहा कि लालू यादव को बताना चाहिए कि ललन चौधरी से राबड़ी देवी के क्या रिश्ते हैं? आखिर एक गैर आदमी किसी को कैसे गिफ्ट दे सकता है।

उन्होंने ने कहा कि ललन सिवान के बड़हरिया का रहने वाला है। वह लालू की गौशाला में काम करता है। काले धन को सफेद करने के लिए उसको  माध्यम बनाया गया। सुमो ने कहा कि लालू आधुनिक जमाने के जमींदार हैं। 

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मुख्यमंत्री के बयान को मैं नहीं पढ़ता
पत्रकारों के सवाल के जवाब में सुशील मोदी ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान और उनसे संबंधित खबरों को नहीं पढ़ता। यही नहीं, बिहार सरकार से जुड़ी खबरें ही मैं नहीं पढ़ता क्योंकि ये जनता को सीधे धोखा देने वालीं होती हैं।

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