पटना [राज्य ब्यूरो]।  राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बयान पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने तंज कसा है।

उन्होंने कहा है कि बैठक में लालू प्रसाद का भाषण अवसाद में बड़बड़ाते मनोरोगी जैसा था। तथ्य और तर्क से उनका कभी वास्ता नहीं रहा। जांच एजेंसियां उनसे करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति का हिसाब बड़े आदर के साथ मांग रही हैं, फिर भी वे तथ्यपूर्ण जवाब नहीं दे रहे हैं। 

 

सुशील मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद राजनीतिक मंच से हवा में सवाल करते हैं कि किसकी संपत्ति ले ली, जबकि कई लोगों की संपत्ति लिखवाने के दस्तावेजी सबूत की फाइलें सार्वजनिक रूप से पड़ीं हैं। राजद को अब नेतृत्व बदलाव पर ज्यादा गंभीरता से सोचना चाहिए। 

 

मोदी ने राहुल गांधी की हार्दिक पटेल से मुलाकात पर कहा कि गुजरात में जातीय वोट बैंक की राजनीति के तहत राहुल गांधी ने बिना ठीक से जाने- समझे जिस युवा नेता से अकेले में मुलाकात की, उसकी विवादस्पद सीडी वायरल होने के बाद पाटीदार आंदोलन के पांच प्रमुख नेता भाजपा में आ चुके हैं। युवराज राहुल गांधी दिसंबर में पार्टी का ताज पहनने से पहले पराजय के कांटों का इंतजाम कर चुके हैं। 

 

मोदी ने कहा कि स्त्री स्वाभिमान की रक्षा करते हुए आत्मबलिदान (जौहर) करने वाली वीरांगना पद्मावती पर आपत्तिजनक फिल्म बनाने का विरोध करना जायज है। लेकिन, लालू प्रसाद ने भाजपा विरोध की सनक में खिलजी मानसिकता के लोगों का भी समर्थन कर दिया था।

 

उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने मंत्री रहते हुए पद्मावती फिल्म के निर्माताओं को बिहार आने का न्योता दिया था। वे राजनीतिक फायदे के लिए राष्ट्रीय सम्मान को रौंदने से भी नहीं हिचकते। 

Posted By: Kajal Kumari

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