पटना, जेएनएन। स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ सोशल साइट पर आये दिनों धोखाधड़ी सहित अन्य घटनाओं को लेकर सीबीएसई गंभीर है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से इसी शैक्षणिक सत्र से 11वीं एवं 12वीं कक्षा के सिलेबस में साइबर क्राइम को जोड़ा गया है। इसमें छात्रों को पाइथन भाषा, साइबर क्राइम एवं सच्ची घटनाओं को पढ़ाया जायेगा।


यह जानकारी छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों को भी दी जाएगी। इसके लिए हर महीने होने वाली शिक्षक अभिभावक मीटिंग (पीटीए) में आधे घंटे की स्पेशल कक्षा आयोजित की जाएगी। बताया जाता है कि इसके लिए प्रत्येक स्कूल में साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति की जायेगी। सीबीएसई के अधिकांश छात्र कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन कार्यो का निष्पादन करते है। इसके कारण कई बार वे साइबर क्राइम का भी शिकार हो जाते हैं। इन्हीं से बचाव के लिए सीबीएसई की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है।


प्रायोगिक जानकारी पर होगा विशेष जोर
साइबर क्राइम की शिक्षा में प्रायोगिक पहलू पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें ईमेल, जीमेल, फेसबुक, वाट्सएप से जुड़ी धोखाधड़ी, हैकिंग होने सहित अन्य फर्जीवाड़े से बचने के उपाए बताए जाएंगे। सीबीएसई के सिटी समन्वयक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि साइबर शिक्षा की जानकारी अब सभी के लिए आवश्यक है। ऐसे में स्कूल के छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों के लिए भी पीटीए में आधे घंटे की विशेष कक्षा का आयोजन किया जाएगा।

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