पटना/ नवादा [जागरण स्‍पेशल]। घर-बाजार से मॉल व सड़क तक आपने सीसीटीवी कैमरे जरूर देखे होंगे, लेकिन क्‍या किसी फुटपाथी ठेला पर भी इसे देखा है? अगर नहीं तो आइए बिहार। यहां के नवादा शहर में एक फुटपाथी फल दुकानदार ने चोरी से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी ईमानदारी को प्रमाणित करने के लिए ठेला पर सीसीटीवी कैमरा लगा लिया है।
ठेले को अलग पहचान देता सीसीटीवी कैमरा
नवादा के हिसुआ बाजार में मंगला मार्केट है। वहां एक फल की दुकान जरा हटकर है। इसपर लगा सीसीटीवी कैमरा इसे अन्‍य ठेला दुकानों से अलग पहचान देता है। फल दुकानदार शुभम कहते हैं कि उनके पास चोरी होने के लिए कुछ खास नहीं, इसलिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के पीछे अपनी संपत्ति की सुरक्षा का उद्देश्‍य नहीं है। उन्‍होंने कहा कि इसे लगाने का मकसद अपनी ईमानदारी को प्रमाणित करना है।

इस कारण आया आइडिया
शुभम बताते हैं कि कुछ दिनों पहले शरद पूर्णिमा के दिन उनकी दुकान पर एक ग्राहक फल खरीदने आया था। थोड़ी देर बाद वह लौटा तो ठेले पर अपनी मोबाइल छूट जाने की बात कही, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। इसके बाद ग्राहक ने शुभम पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत कर दी। पुलिस उसे व उसके भाई मनीष को पूछताछ के लिए थाने ले गई, लेकिन बाद में साक्ष्‍य के अभाव में उसे छोड़ दिया। शुभम कहते हैं कि इसके बाद ठेला पर सीसीटीवी लगाने का आइडिया आया।
11 हजार में खरीदा कैमरा, घर के टीवी से जोड़ा
फिर, किसी तरह 11 हजार रुपये का जुगाड़ कर सीसीटीवी कैमरा खरीदा। घर में एक टीवी पड़ा था, जिसे इससे जोड़ दिया। इसके बाद ठेला की छत पर सीसीटीवी कैमरा लगाकर पास ही में स्थित भाई की कपड़े की दुकान में सीसीटीवी के उपकरणों व टीवी को रखा।

अब ईमानदारी प्रमाणित करने में नहीं होगी परेशानी
शुभम व मनीष बताते हैं कि पुलिस पूछताछ की घटना के कारण उनकी इज्‍जत पर आघात लगा था, लेकिन अब सीसीटीवी कैमरा लगाने के बाद इसके आधार पर वे भविष्‍य में ऐसी किसी घटना में अपनी ईमानदारी प्रमाणित कर सकते हैं। कहते हैं कि हिसुआ बाजार में ऐसी घटनाएं आम हैं।
शुभम कहते हैं कि बाजार में ग्राहक आए दिन घटतौली या खराब सामान देने के आरोप भी लगाते हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वे ऐसे आरोपों को भी खारिज कर सकते हैं।
लोगों ने की सराहना, बोले: ठेलेवाले ने पेश की मिसाल
लोगों ने ठेले पर सीसीटीवी कैमरे को लगाने के मकसद की सराहना की है। नवादा के स्‍नातक छात्र रोहित सिंह व रंजन यादव कहते हैं कि शुभम जैसे गरीब ठेला वाले ने अपनी ईमानदारी को प्रमाणित करने के लिए जो कदम उठाया है, वह उसकी यूएसपी ( यूनीक सेलिंग प्रोपोजिशन) है। पटना के व्‍यवसायी राकेश शर्मा कहते हैं कि नवादा के इस ठेला वाले ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। इसे छोटे-बड़े सभी अपना लें तो कमाल हो जाए।

Posted By: Amit Alok

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