पटना। भक्त जब दिग्भ्रमित हो जाता है तो भगवान गुरु के रूप में सन्मार्ग दिखाते हैं। संसार में ऐसे बहुत से लोग रहे जिनको भगवत कृपा प्राप्त होने से जीवन बदला है। जब युद्धक्षेत्र में अर्जुन संशय में पड़ते हैं तो भगवान कृष्ण उन्हें सही राह दिखाते हैं। ये बातें रविवार को बुद्ध मार्ग स्थित सत्यनारायण ट्रस्ट परिसर में सहस्त्र चंडी महायज्ञ के दौरान सुनने को मिलीं।

स्वामी बाबा पशुपति नाथ के 110 वें जन्मोत्सव के मौके पर रामचरित मानस पर प्रकाश डालने के लिए पंडित नरेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि बिना गुरु का ज्ञान नहीं मिल सकता है। उन्होंने कहा कि हर इंसान द्वंद के बीच फंसा है। वो अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित होता है। भविष्य के लिए एक-एक पाई जमा करता है लेकिन कौन जाने कब मृत्यु किसको अपना ग्रास बना ले। ऐसे में लोगों का जितना भला हो सके करने की जरूरत है। क्योंकि इस संसार में कोई कुछ लेकर नहीं आता और नहीं कुछ लेकर जाता है। ऐसे में किसी बात का अभिमान क्यों करे। महाराज ने कहा कि हम सभी को द्वंद्व से बाहर निकलने की जरूरत है। सत्संग के दौरान मानस धुरंधर भगवान दास ने कहा कि राम कथा का पान हर समस्या का समाधान करता है। हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार मानस का पाठ जरूर करना चाहिए। मानस धुरंधर ने बाबा पशुपति नाथ के बारे में कहा कि वे साक्षात शिव के अवतार और त्रिकालदर्शी थे। सत्संग के दौरान पंडित धनंजय पांडेय, आशुतोष मिश्र ने कहा कि सोमवार को सुबह 11 बजे यज्ञ मंडप परिसर में अरणी मंचन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। यज्ञ कार्य में उपेंद्र सिंह, मैनेजर शुक्ला, सुभाष शर्मा, नरेंद्र पांडेय आदि योगदान दे रहे हैं।

Posted By: Jagran

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