पटना [जागरण टीम]। कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज बुधवार शाम छह बजे 2.72 हजार क्यूसेक रिकार्ड किया गया है। इससे सहरसा और सुपौल जिलाें में तटवर्ती इलाके जलमग्न हो गए हैं। उधर, कमला बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि से दरभंगा के घनश्यामपुर प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। व्यवस्था में कमी-कोताही की शिकायत के बीच एनडीआरएफ की टीम मौका-मुआयना करने में लगी है।

सुपौल के कई गांवों में घुसा पानी
कोसी के जलस्तर में बढोतरी से तटबंध के बीच बसे दर्जनों गांव में बाढ का पानी प्रवेश कर गया है। पानी के बढने की आशंका जताई जा रही है। बाढ से सुपौल के सरायगढ भपटियाही प्रखंड क्षेत्र के सियासी, ढोली, बनैनिया, बलथरवा, किशनपुर के मौजहा, नौआबाखर, परसामाधो  में लोगों की परेशानी बढ गई है। पानी के बढने से लोग किसी बड़ी अनहोनी से आशंकित होने लगे हैं। लोग रतजगा कर रहे हैं। चूल्हा जलाने की गुंजाइश तक नहीं बची।

सहरसा में भी संकट
सहरसा जिला में राजनपुर पंचायत के कई गांव पानी से घिर गए हैं। लोगों ने प्रशासनिक इंतजाम और राहत-बचाव में कमी की शिकायत की। महिषी के अंचलाधिकारी रमण कुमार वर्मा ने कहा कि शीघ्र ही सर्वेक्षण किया जाएगा। जरूरत के हिसाब से लोगों को सहायता मुहैया कराई जाएगी।

दरभंगा के कई गांव बाढ़ से घिरे
कमला बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि से घनश्यामपुर प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। नदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इससे दोनों तटबंधों के बीच बसे गांवों की हालत खराब हो गई है। बाउर-घनश्यामपुर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर 5 फीट पानी बह रहा है।  पशुचारा, पेयजल आदि का संकट हो गया है।
मध्य विद्यालय रसियारी सहित आधा दर्जन स्कूलों में पानी घुसने से मिड डे मील व पठन-पाठन बाधित  है। लोग नाव से आवाजाही कर रहे हैं। फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बांध की निगरानी बढ़ा दी गई है। बाढ़ प्रमंडल झंझारपुर टू के सहायक अभियंता प्रेम कुमार ने बताया कि नेपाल में जारी वर्षा से जलस्तर में वृद्धि हो रही है।

Posted By: Amit Alok