पटना [राज्य ब्यूरो]। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में सुखाड़ के आसार पर रविवार को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) की महत्वपूर्ण बैठक की। बिहार में अब तक 48-50 फीसद कम बारिश हुई है। मुख्यमंत्री ने सीएमजी की बैठक में मौजूद अधिकारियों को अगले 11 महीने की जंग के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए, क्योंकि अगर सुखाड़ होता है तो उसका असर अगले एक वर्ष तक दिखना तय है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि आपदा से निबटने में धन की कमी नहीं हाने दी जाएगी।

उन्होंने सुखाड़ से निपटने और बिचड़ा बचाने को ले भी कई निर्देश भी दिए। किसानों को अब 40 रुपये प्रति लीटर डीजल अनुदान की जगह 50 रुपये प्रति लीटर का अनुदान मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र में खेती के लिए बिजली की दर 96 पैसे प्रति यूनिट से घटाकर 75 पैसे प्रति यूनिट किए जाने का निर्देश दिया गया है।

सीएमजी की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत सभी सुविधाएं सोमवार से लागू हो जाएंगी, पर दो दिनों के भीतर कैबिनेट की बैठक में सभी विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के बारे में प्रस्ताव लाएंगे। मुख्यमंत्री ने पुन: यह दोहराया कि आपदा पीडि़तों का सरकार के खजाने पर पहला हक है। पैसे की कोई कमी नहीं होगी।

मुख्य सचिव दीपक कुमार और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सीएमजी के बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 31 जुलाई को पुन: क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक बुलाई है। बैठक में पूरी स्थिति की समीक्षा के बाद यह तय होगा कि प्रदेश को सुखाड़ घोषित किया जाए या नहीं।

Posted By: Amit Alok

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