पटना, आनलाइन डेस्‍क। मौर्य वंश के महानतम शासक सम्राट अशोक का मामला राजनीति विवाद का कारण बन गया है। दयाप्रकाश सिन्‍हा के एक लेख के बाद से भाजपा-जदयू के बीच इसको लेकर ठनी हुई है। लगातार बयानबाजी हो रही है। राजद और हम ने भी इस अलाव में हाथ सेंका है। सम्राट अशोक को पिछड़ा बताकर कहानी में एक और कड़ी जोड़ने वाले एनडीए के घटक दल हम के मुखिया और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने अब भाजपा को नसीहत भरी चेतावनी दी है। उन्‍होंने कहा है कि जिस तरह से भाजपा के नेता बयानबाजी कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है। 

भाजपा का शीर्ष नेतृत्‍व करे हस्‍तक्षेप 

हम के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता दानिश रिजवान ने बयान जारी कर कहा है कि जिस तरह से भाजपा के नेता एनडीए के घटक दलों के नेताओं पर जिस तरह बयानबाजी कर रहे हैं, ऐसे नेताओं के लिए असहज स्थिति हो रही है। उन्‍होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्‍व से कहा है कि अविलंब ऐसे मामले में हस्‍तक्षेप करे, वरना स्थिति और भयावह हो जाएगी। गौरतलब है कि जीतन राम मांझी ने सम्राट अशोक को पिछड़ी जाति का बता दिया था। कहा था कि पिछड़ा होने के कारण ही उनका अपमान किया जा रहा है। इसके विरोध में 17 जनवरी को दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का ऐलान कर दिया था। 

जदयू ने उठाया था सम्राट अशोक का मुद्दा 

बता दें कि जदयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ललन सिंह और जदयू संसदीय बोर्ड के अध्‍यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सम्राट अशोक की औरंगजेब से तुलना किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इसे भारत के महान शासक का अपमान बताया था। भाजपा से इसपर कार्रवाई की मांग की थी। भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष ने एफआइआर कराते हुए कहा कि दया प्रकाश सिन्‍हा का भाजपा से कोई संबंध नहीं है। दया प्रकाश सिन्‍हा ने भी भाजपा से संबंध होने से इंकार किया। बावजूद सियासत की गरमाहट इस खरमास में कम नहीं हो रही। 

Edited By: Vyas Chandra