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किसी जाति को लुच्चा-लफंगा नहीं कहा, श्रीभगवान ने दी सफाई; राजद ने मंत्री पद से हटाने की मांग की

Published: Sat, 26 Sep 2026 05:01 PM (IST)

योजना एवं विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने अपने 'लुच्चा-लफंगा' वाले बयान पर सफाई दी है, कहा कि उन्होंने किसी ...और पढ़ें

श्रीभगवान सिंह कुशवाहा

श्रीभगवान सिंह कुशवाहा 

HighLights

  1. मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने 'लुच्चा-लफंगा' बयान पर दी सफाई।

  2. कहा, किसी जाति विशेष को नहीं, अपराधियों को लक्षित किया था।

  3. राजद ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की, विवाद जारी।

राज्य ब्यूरो, पटना। योजना एवं विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने अपने बयान को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी जाति विशेष को ‘लुच्चा-लफंगा’ नहीं कहा था। उनके अनुसार, एक यूट्यूबर ने उनके बयान को गलत संदर्भ में प्रसारित किया। इस मामले को लेकर राजद ने उनके मंत्री पद से त्यागपत्र की मांग की है और आंदोलन की चेतावनी दी है।

मंत्री ने शनिवार को कहा कि वह शुक्रवार को जदयू कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान एक यूट्यूबर ने उनसे समस्तीपुर और जमुई की घटनाओं के बारे में सवाल पूछा था। मंत्री के अनुसार, उन्होंने कहा था कि ऐसी घटनाएं ‘लुच्चे-लफंगों’ का काम हैं।

मंत्री बोले- सभी जातियों का करता हूं सम्मान

श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि उनके बयान को जाति विशेष से जोड़कर प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि वह सभी जातियों का सम्मान करते हैं। किसी भी राजनीतिक व्यक्ति द्वारा किसी जाति के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

मंत्री के इस स्पष्टीकरण के बीच बयान को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उनके बयान में ‘लुच्चा-लफंगा’ शब्द को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

राजद ने मंत्री से मांगा इस्तीफा

राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने श्रीभगवान सिंह कुशवाहा के बयान को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने एक जाति विशेष को ‘लुच्चा-लफंगा’ कहकर संबोधित किया है और इसे उनके संस्कार से जोड़कर सवाल उठाया।

शक्ति सिंह यादव ने यह भी सवाल उठाया कि क्या जदयू ने जातीय विद्वेष फैलाने के लिए उन्हें मंत्री बनाया है। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले लोग सभी जातियों में हो सकते हैं, लेकिन किसी अपराध के आधार पर पूरी जाति को अपराधी या अपमानजनक शब्दों से संबोधित नहीं किया जा सकता।

बयान पर सियासी घमासान जारी

इस पूरे प्रकरण के बीच मंत्री की सफाई और विपक्ष की प्रतिक्रिया आमने-सामने है। मंत्री का कहना है कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया, जबकि राजद इसे जाति से जोड़कर आपत्ति जता रहा है।

बिहार की राजनीति में इस बयान के बाद जातीय टिप्पणी और राजनीतिक भाषा को लेकर बहस तेज हो गई है। विवाद के बीच दोनों पक्षों के बयान सामने आने से मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

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