पटना: सचिवालय की सीनियर महिला अधिकारी भी घरेलू हिंसा की शिकार, पति के खिलाफ आयोग पहुंचीं
सचिवालय में उच्च पदस्थ एक महिला अधिकारी ने अपने पति पर घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए महिला आयोग से न्याय की गुहार लगाई है।

सचिवालय की वरिष्ठ महिला अधिकारी भी घरेलू हिंसा की शिकार, पति के खिलाफ आयोग पहुंचीं (AI Generated Image)
HighLights
सचिवालय की वरिष्ठ महिला अधिकारी ने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया।
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने पर भी महिला प्रताड़ना की शिकार।
महिला आयोग में सभ्य, शिक्षित वर्ग के 44 मामले दर्ज।
जागरण संवाददाता, पटना। ऊंचा पद, अच्छी शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता भी महिलाओं को घरेलू हिंसा और पारिवारिक प्रताड़ना से पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर पा रही है। इसका एक मामला महिला आयोग के सामने आया है।
सचिवालय में उच्च और वरिष्ठ पद पर कार्यरत एक महिला अधिकारी ने अपने ही पति पर घरेलू हिंसा और पारिवारिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आयोग का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आयोग से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा के अनुसार, महिला अधिकारी जब अपनी शिकायत लेकर आयोग पहुंचीं और सुनवाई के दौरान अपने साथ हुई कथित मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का दर्द बयां करने लगीं तो वह खुद को संभाल नहीं सकीं।
अपनी पीड़ा बताते हुए वह आयोग के सामने ही रो पड़ीं। यह मामला बताता है कि समाज में सम्मानजनक पद पर पहुंचने और आत्मनिर्भर होने के बावजूद कुछ महिलाओं को अपने ही घर में प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
सभ्य और शिक्षित वर्ग से जुड़े 44 मामले
महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, समाज के तथाकथित सभ्य और शिक्षित वर्ग से जुड़े ऐसे 44 मामले अब तक दर्ज किए जा चुके हैं।
इन मामलों में प्रताड़ना की शिकार महिलाओं ने न्याय के लिए आयोग का रुख किया है। इससे स्पष्ट होता है कि घरेलू हिंसा की समस्या किसी एक सामाजिक या आर्थिक वर्ग तक सीमित नहीं है।
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