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मुजफ्फरपुर में मेले में हुआ प्यार, भागकर की शादी, ससुराल के दरवाजे पर जलाया दुल्हन का शव

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:21 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के मुशहरी में प्रेम विवाह के नौ महीने बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके ...और पढ़ें

गुंजा कुमारी (फाइल फोटो) l व ससुराल में दरवाजे पर विवाहिता का शव जलाते मायके वाले l जागरण

गुंजा कुमारी (फाइल फोटो) l व ससुराल में दरवाजे पर विवाहिता का शव जलाते मायके वाले l जागरण

HighLights

  1. प्रेम विवाह के नौ महीने बाद विवाहिता की मौत।

  2. मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया।

  3. ससुराल के दरवाजे पर ही शव का अंतिम संस्कार।

संवाद सहयोगी, मुशहरी (मुजफ्फरपुर)। मेले में शुरू हुआ प्यार शादी तक पहुंचा, लेकिन कुछ ही दिन बाद ही रिश्ते का दर्दनाक अंत हो गया। मुशहरी थाना क्षेत्र के राजवाड़ा डीह गांव में प्रेम विवाह के महज नौ महीने बाद ही एक विवाहिता गुंजा कुमारी (19 वर्ष) की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई।

वह पलटन पासवान के पुत्र कुंदन कुमार की पत्नी थी। गुरुवार की अहले सुबह उसका शव बेड पर पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे मायके वालों ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

उस समय पुलिस ने मामले को शांत करा दिया, किंतु शाम में पोस्टमार्टम से शव आने के बाद मायके वालों ने ससुराल में दरवाजे पर ही विवाहिता का अंतिम संस्कार कर दिया। इस बीच ससुराल के लोग घर छोड़कर फरार थे।

बताया जाता है कि कांटी के रंजीत पासवान की पुत्री गुंजा कुमारी की शादी नौ महीने पहले राजवाड़ा डीह के कुंदन कुमार से हुई थी। मामले में मृतका के स्वजन ने थाने में आवेदन देकर दामाद कुंदन कुमार, उसके भाई चंदन पासवान, बहन प्रियंका देवी एवं भाभी सुलेखा देवी पर हत्या करने का आरोप लगाया है।

मृत महिला के मामा छोटू कुमार ने बताया कि उन्हें रात में करीब 12 बजे राजवाड़ा गांव के वार्ड सदस्य ने फोन कर गुंजा की मौत की सूचना दी थी। इसी गांव में उनकी बहन चंद्रकला देवी भी रहती है। उसके द्वारा बताया गया कि ससुराल पक्ष के लोग शव को जलाने की फिराक में हैं।

आनन फानन में कांटी से यहां पहुंचा तो देखा शव कमरे पड़ा है। उसके गले पर निशान है। मृतका की मां मंजू देवी ने बताया कि 23 जनवरी 2026 को कुंदन कुमार के साथ उनकी पुत्री का प्रेम विवाह हुआ था।

इसके बाद से ही दामाद दहेज के लिए पुत्री के साथ मारपीट व प्रताड़ित कर रहा था। धनतेरस के मौके पर दहेज का सामान देने की तैयारी थी। बावजूद इसके उनकी पुत्री की हत्या कर दी गई।

मेले में प्रेम और उसके बाद रचाई थी शादी

गुंजा के मामा ने बताया कि वर्ष 2024 में झपहां के नजदीक सिमराहा चतुरभुज गांव में रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया था। इसी यज्ञ में मेला घूमने के दौरान गुंजा और कुंदन की जान पहचान हुई।

इसके बाद दोनों में प्रेम हो गया। प्रेम इतना बढ़ गया कि दोनों ने भाग कर शादी रचा ली। जब दोनों के स्वजन को इसकी सूचना मिली तो आपसी सहमति के बाद हिंदू रीति-रिवाज़ के साथ दोनों की शादी करा दी।

दोनों की शादी इसी वर्ष 23 जनवरी को हुई थी। कुछ दिनों बाद दहेज के लिए विवाद शुरू हो गया। करीब तीन महीने पहले गुंजा अपने मायके चली गई थी। इसके बाद पंचायत के निर्णय के उपरांत उसका पति बुलाकर उसी राजवाड़ा लाया था।

मायके वालों ने विवाहिता की हत्या का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। लोगों को शांत कराते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पोस्टमार्टम से शव आने के बाद ससुराल में दरवाजे पर ही विवाहिता का शव जलाने की सूचना मिली है। इस मामले में भी कार्रवाई होगी। पुलिस आत्महत्या एवं हत्या दोनों बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।
सुबोध कुमार मेहता, थानाध्यक्ष, मुशहरी

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