मौसम का मिजाज बदलते ही पटना में बीमारियों का अटैक, PMCH और IGIMS में बढ़ी बुखार के मरीजों की संख्या
बारिश और बदलते मौसम के कारण पटना में बुखार, टाइफाइड और वायरल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ...और पढ़ें

टना में बीमारियों का अटैक (एआई जेनरेटेड तस्वीपर)
HighLights
पटना में बुखार, टाइफाइड और वायरल संक्रमण के मामले बढ़े।
पीएमसीएच, आईजीआईएमएस में सैकड़ों टाइफाइड मरीज मिले।
जलजमाव और गंदगी मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण।
जागरण संवाददाता, पटना। बारिश और बदलते मौसम के बीच राजधानी में बुखार और संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू के साथ टायफाइड और वायरल संक्रमण का प्रकोप भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक मरीज टायफाइड जैसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं।
मरीजों में तेज बुखार, खांसी, कमजोरी और चक्कर के साथ गले में दर्द, सूखी खांसी और जोड़ों में दर्द की शिकायत प्रमुख रूप से सामने आ रही है।
पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक मरीज
पीएमसीएच, आईजीआईएमएस , एनएमसीएच, एम्स पटना और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल की ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। इनमें पीएमसीएच में 98, आईजीआईएमएस में 92, एनएमसीएच में 45, एम्स में 58 और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में सात मरीज शामिल हैं।
अस्पतालों के अनुसार, कुछ समय पहले तक यह संख्या 100 से भी कम थी। कंकड़बाग, बुद्धा कालोनी, राजीव नगर, बोरिंग रोड, गर्दनीबाग, दानापुर, महेंद्रू और नेपाली नगर समेत कई इलाकों में जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नियमित फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हो रहा है। टूटी नालियां, जमा पानी, तालाबों के आसपास उगी घास और गंदगी मच्छरों के पनपने का कारण बन रही है।
वायरल व डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू की भी जांच
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह और आईजीआईएमएस के प्रवक्ता प्रो. डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि टायफाइड और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों के लक्षणों के आधार पर आवश्यक जांच कराई जा रही है। मौसम में बदलाव को देखते हुए स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों के सैंपल लेने का निर्देश दिया गया है। वायरल बुखार और डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू की भी जांच कराई जा रही है।
सैंपल पटना सिटी के अगमकुआं स्थित आरएमआरआई सेंटर भेजे जा रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को प्री-जांच और आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बारिश और जलजमाव के कारण बैक्टीरिया तथा मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में लगातार बुखार, खांसी या शरीर में दर्द रहने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
टाइफाइड से बचाव के लिए रखें सावधानी
- साफ और उबला हुआ या सुरक्षित पानी ही पिएं।
- खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
- खाना खाने और शौचालय के इस्तेमाल के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
- फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
- बुखार रहने पर खुद से एंटीबायोटिक दवा न लें।
- चिकित्सक की सलाह पर जांच और उपचार कराएं।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रजनन नहीं हो सके।
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