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400 बेड के LNJP अस्पताल में पेच, अधूरे भवन का हैंडओवर नहीं लिया तो बंद कर दी AC-बिजली, पुराने भवन में OPD श‍िफ्ट

Published: Tue, 22 Sep 2026 10:29 AM (IST)

पटना के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के 400 बेड वाले नए भवन का निर्माण अधूरा होने के बावजूद हैंडओवर का दबाव बनाया गया।

एलएनजेपी अस्‍पताल के पुराने भवन में ओपीडी श‍िफ्ट। जागरण

एलएनजेपी अस्‍पताल के पुराने भवन में ओपीडी श‍िफ्ट। जागरण

HighLights

  1. अधूरे नए भवन का हैंडओवर लेने से अस्पताल ने किया इनकार।

  2. निर्माण एजेंसी ने नए भवन की बिजली, एसी, शौचालय बंद किए।

  3. मरीजों की परेशानी के कारण ओपीडी पुराने भवन में शिफ्ट की गई।

जागरण संवाददाता, पटना। राजवंशीनगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) हड्डी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के नए भवन को पूरी तरह तैयार किए बिना ही हैंडओवर करने का दबाव बनाए बनाया गया।

अस्पताल प्रशासन ने अधूरे कार्य और जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण भवन को लेने से इनकार किया तो निर्माण एजेंसी ने नए भवन की एसी, शौचालय, बिजली और आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया।

इसके बाद अस्पताल की ओपीडी को पुराने भवन में शिफ्ट करना पड़ा। इससे इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों और उनके स्वजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एलएनजेपी अस्पताल की ओपीडी पुराने भवन में शिफ्ट

अस्पताल के 400 बेड वाले नए आर्थोपेडिक एवं न्यूरो सुपरस्पेशियलिटी भवन का लोकार्पण 25 जुलाई को हुआ था। उद्घाटन के बाद इसे सुसज्जित करना था।

इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना था। भवन में 42 आइसीयू बेड, छह माड्यूलर आपरेशन थिएटर, 24 घंटे आपातकालीन सेवा, उन्नत रेडियोलाजी और रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी।

एजेंसी की ओर से यह कार्य अब तक नहीं पूरा किया गया। इस कारण परेशानी बढ़ी और एजेंसी ने अस्पताल प्रशासन को हैंडओवर लेने का दवाब बनाया।

निदेशक ने इनकार किया तो सुविधाएं बंद कर दी। नतीजन, उद्घाटन के करीब दो माह बाद ही ओपीडी को पुराने भवन में स्थानांतरित करना पड़ा है।

LNJP 1

(नए भवन में खाली पड़ा पंजीकरण काउंटर।)

अधूरे काम के साथ हैंडओवर लेने से किया इनकार

एलएनजेपी अस्पताल के निदेशक डाॅ. राकेश कुमार चौधरी ने बताया कि निर्माण एजेंसी की ओर से आवश्यक उपकरण और अन्य कार्य पूरे किए बिना भवन को संस्थान को हैंडओवर करने को कहा गया था।

अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग से मार्गदर्शन मांगा था। इसी दौरान नए भवन की लाइट, एसी, शौचालय और भवन में आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि सुविधाएं बंद होने के बाद मरीजों और अस्पताल के कामकाज में परेशानी होने लगी। ऐसी स्थिति में ओपीडी की पूरी व्यवस्था पुराने भवन में शिफ्ट करनी पड़ी।

इससे मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल निदेशक ने कहा कि भवन से जुड़ी पूरी स्थिति से स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया जा रहा है।

विभाग से मार्गदर्शन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही ओपीडी को फिलहाल पुराने भवन में संचालित कर मरीजों को पूरी सुविधाएं दी जा रही है।