पटना [राज्य ब्यूरो]। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के क्षेत्र प्रचारक रामदत्त चक्रधर ने रविवार को एक बार फिर आरक्षण को लेकर संघ की रीति-नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि देश में समरसता और समानता संघ की पहली प्राथमिकता है। देश को लेकर बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की जो सोच थी, वही सोच संघ की है। 1981, 1985 1990 और 2005 में संघ राष्ट्रीय अधिवेशन में दो टूक प्रस्ताव पास कर चुका है कि जब तक समाज में छुआछूत और असमानता रहेगी तब तक आरक्षण जारी रहेगा। यह नहीं जब तक अनुसूचित समाज नहीं चाहेगा तब तक आरक्षण कोई समाप्त नहीं कर सकता है।

चक्रधर राष्ट्रीय सामाजिक न्याय मोर्चा की ओर से आइआइबीएम सभागार में आयोजित 'सामाजिक समरसता एवं बाबा साहब आंबेडकर' विचार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किस प्रकार छुआछूत मिटाने और सामाजिक बदलाव के लिए पूर्व सरसंघ चालकों हेडगेवार, बाला साहेब देवरस और राजेंद्र सिंह ऊर्फ रज्जू भैया ने स्वयं के घर से सामाजिक परिवर्तन की पहल की।

इससे पहले चक्रधर ने डॉ. आंबेडकर के संघर्ष और उनके द्वारा सामाजिक बदलाव के लिए चलाए गए मुहिम पर विस्तार चर्चा की। इससे पूर्व विचार गोष्ठी को पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व प्रवक्ता कृष्ण कुमार आंबेडकर और युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित सिंह ने संबोधित किया। गोष्ठी की अध्यक्षता न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र चौहान ने की। मंच संचालन नरेश महतो ने किया।

By Ravi Ranjan