Rohini Acharya: मुगालते में जी रहा है...; नीट छात्रा मौत मामले में फूटा लालू की पुत्री का गुस्सा, कहा-CM मौन
Bihar News: पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस जांच पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब ...और पढ़ें

रोहिणी आचार्य ने राज्य सरकार पर बोला हमला।
HighLights
नीट छात्रा की संदिग्ध मौत पर जांच जारी।
रोहिणी आचार्य ने सरकार, SIT पर साधा निशाना।
पुलिस पर जांच भटकाने और बचाने का आरोप।
डिजिटल डेस्क, पटना। नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
शुरुआती जांच से असंतोष के बाद अब इस मामले की जिम्मेदारी विशेष जांच टीम (SIT) को सौंपी जा चुकी है। कहा जा रहा है कि जल्द इसका पर्दाफाश हो सकता है।
इसके बावजूद विपक्ष और छात्रा के परिजन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने राज्य सरकार को असहज स्थिति में डाल दिया है और सरकार के ‘जीरो क्राइम’ के दावे पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर गृह मंत्री सम्राट चौधरी तक विपक्ष के निशाने पर हैं। राजद (RJD) नेता इस प्रकरण को कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं।
इसी कड़ी में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की पुत्री और सिंगापुर में रह रही रोहिणी आचार्य भी लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
रोहिणी आचार्य ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बार फिर सरकार और SIT पर तीखा हमला बोला।
उनके इस पोस्ट पर तेजस्वी यादव नामक यूजर ने भी कमेंट किया है। यूजर ने लिखा है-यह सुनियोजित भटकाव है। मामले में रोहिणी ने जांच को दिशाहीन बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस और एसआईटी जानबूझकर मामले को भटका रही है।
रोहिणी ने लिखा कि बिहार के लोगों में यह आम धारणा बनती जा रही है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड में पुलिसिया जांच से किसी ठोस नतीजे की उम्मीद रखना महज मुगालता है।
उन्होंने कहा कि घटना को लगभग दो सप्ताह बीत चुके हैं और उपलब्ध साक्ष्य तथा पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट से काफी कुछ स्पष्ट हो चुका है, इसके बावजूद पुलिस हर दिन नई थ्योरी सामने लाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।
रोहिणी का आरोप है कि हॉस्टल संचालकों, संबंधित नर्सिंग होम और अस्पतालों, एक डॉक्टर, स्थानीय थाना की महिला पुलिस अधिकारी और पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। रोहिणी आचार्य ने लिखा कि इस पूरे मामले में एसआईटी, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी कई संदेहों को जन्म दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार और पुलिस जांच को लंबा खींचकर मामले को ठंडा करने और आरोपियों को किसी दबाव में बचाने की कोशिश कर रही है।
दिशाहीन जाँच .. भटकाने की कोशिश !!
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 20, 2026
बिहार के लोगों में ये आम धारणा कायम हो रही है कि "शम्भू गर्ल्स हॉस्टल कांड में अगर किसी ने पुलिसिया जाँच से कोई उम्मीद लगा रखी है , तो वो मुगालते में जी रहा है ".. ऐसी धारणा कायम होने की वाजिब वजहें भी हैं " घटना घटित हुए लगभग एक पखवारे का समय… pic.twitter.com/p0QylBovFs
