पटना, जेएनएन। राजधानी में दिसंबर महीने में होने वाले सड़क हादसों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। दिसंबर में ऐसा कोई दिन नहीं बीता जब पटना में कोई सड़क हादसा न हुआ हो। महज 27 दिनों में सड़कों को लाल करते हुए पटना में 22 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद राजधानी में ये बेलगाम रफ्तार अभी थमी नहीं है।

फुलवारीशरीफ, बिहटा व नौबतपुर अधिक डेंजर

सबसे अधिक सड़क दुर्घटना फुलवारीशरीफ में हुई। बिहटा व नौबतपुर भी सड़क हादसों में आगे हैं। एेसे हादसे हो रहे हैं जब बिहार की राजधानी देश के उन शहरों में शुमार है जहां ट्रैफिक कंट्रोल के लिए हेलमेट और वाहन के सभी कागजों की जांच नियमित की जाती है।

इस सूची में देखें कब कहां हुए हादसे और किसकी हुई मौत

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बिहटा व नौबतपुर में लगातार हो रही दुर्घटनाएं

जुर्माना राशि तो बढ़ा दी गई, लेकिन सड़कों का हाल जस का तस बना हुआ है। कहीं सड़क की चौड़ाई कम है, जिससे ओवरटेक करने में बाइक सवार ट्रक की चपेट में आ जा रहे हैं। इस महीने सबसे अधिक दुर्घटनाएं फुलवारीशरीफ में हुईं।

आम से लेकर खास ने गंवाई जान

पटना में होने वाले सड़क हादसों में आम से लेकर खास ने अपनी जान गंवाई। चौकीदार, इंजीनियर, युवती समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं नौबतपुर में तीन, बिहटा में दो, मोकामा और पालीगंज में दो-दो सड़क हादसे हो चुके हैं।

ओवरटेक और रफ्तार ले रही जान

फुलवारीशरीफ से अनीसाबाद तक अक्सर जाम की समस्या रहती है। फुलवारी से जानीपुर का भी यही हाल है। सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण है। ऐसे में जाम खत्म होने के बाद अधिकांश बाइक सवार ट्रक और बस को ओवरटेक कर आगे निकलने के चक्कर में हादसों के शिकार हो जा रहे है। पूर्व में भी अनीसाबाद में कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद टैफिक पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी।

 

Posted By: Akshay Pandey

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