तेजस्वी का 'मिशन 45': 55 साल से कम उम्र वालों के हाथ होगी कमान, चुनाव लड़ने वालों को नहीं मिलेगी जिलाध्यक्षी
राजद अपने सांगठनिक जिलों की संख्या कम कर रहा है, ताकि कार्यक्रमों के आयोजन और निर्देशों के अनुपालन में आने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके।

तेजस्वी का 'मिशन 45': 55 साल से कम उम्र वालों के हाथ होगी कमान
HighLights
राजद सांगठनिक जिलों की संख्या 52 से घटाकर 45 करेगा।
पुनर्गठन का उद्देश्य कार्यक्रमों के आयोजन में आने वाली बाधाएं दूर करना।
नए जिलाध्यक्षों की घोषणा सितंबर अंत तक होने की संभावना है।
राज्य ब्यूरो, पटना। राजनीति मेंं सभी प्रयोग सफल नहीं होते। होशियारी समय के साथ सुधार कर लेने में है। बहरहाल अपने एक उपक्रम से राजद उस पर अमल कर रहा। यह उपक्रम सांगठनिक जिलों की संख्या कम करने का है।
वर्तमान सांगठनिक जिलों मेंं कुछेक की भौगोलिक संरचना से कार्यक्रमों के आयोजन और निर्देशों के अनुपालन में समस्याएं खड़ी हो रहीं। आंतरिक टकराव अलग से। नई व्यवस्था के बाद संभवत: ऐसी नौबत नहीं रहे।
बिहार में प्रशासनिक स्तर पर कुल 38 जिले हैं, जबकि राजद ने 52 संगठनात्मक जिले बना रखे हैं। स्पष्ट है कि इसके लिए कुछेक जिलों को दो फाड़ किया गया। जैसे कि पूर्वी चंपारण में मधुबन, समस्तीपुर में उजियारपुर, पटना में बाढ़ और गया में टिकारी आदि।
चर्चा है कि ऐसे कम-से-कम सात सांगठनिक जिलों का विलय उनके मूल जिलों में कर दिया जाएगा। यानी कि उनके लिए अब नए जिलाध्यक्ष और नई समिति की घोषणा नहीं होगी। इस पुनर्गठन के बाद राजद के सांगठनिक जिलों की संख्या 45 हो जाएगी। फिर भी सात जिले अधिक होंगे।
ऐसा इसलिए क्योंकि महानगरों वाले जिलों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के स्तर पर दो सांगठनिक जिले होंगे। जैसे कि पटना मेंं पटना महानगर और पटना ग्रामीण। जिन जिलों का अस्तित्व समाप्त होगा उनकी समितियों की घोषणा लोकसभा चुनाव से कुछ माह पहले ही हुई थी।
बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव के बाद राजद ने प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक की अपनी सभी समितियों को भंग कर दिया है। अभी नए सिरे से उनके गठन की प्रक्रिया चल रही।
24 को पूरा होगा चयन का क्रम:
पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव नए जिलाध्यक्षों पर सहमति के लिए सितंबर शुरुआत से ही जिलावार बैठकें कर रहे। गुरुवार 24 सितंबर को बैठकों का यह क्रम पूरा हो जाएगा। उसके बाद सितंबर अंत तक नए जिलाध्यक्षों की घोषणा संभव है।
जिलाध्यक्ष बनने के लिए इस बार दो प्रमुख शर्तें हैं। पहला, उम्र 55 वर्ष से अधिक न हो। दूसरा, वह व्यक्ति कोई चुनाव नहीं लड़ेगा। कई योग्य इस शर्त में किनारे लग जा रहे।
बाकी तीन भी पाएंगे महत्वपूर्ण दायित्व:
संबंधित जिलों के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक में तेजस्वी जिलाध्यक्ष के लिए चार-चार नाम लिए हैं। उनमें से जिलाध्यक्ष तो कोई एक ही व्यक्ति होगा।
बाकी तीन को भी सम्मानजनक पद और महत्वपूर्ण दायित्व दिया जाएगा। जैसे कि जिला में प्रधान महासचिव। संगठन में अध्यक्ष के बाद यह दूसरा महत्वपूर्ण पद होता है। बचे दो लोग प्रदेश कार्यसमिति में लिए जा सकते हैं।
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