पटना [जेएनएन]। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को बजट सत्र के दौरान हंगामे के बाद सीएम नीतीश कुमार ने जातिगत आधारित जनगणना की पुरजोर वकालत की। उन्‍हाेंने अपने संबोधन में कहा कि अगली जनगणना जाति के आधार पर हो और इसके आधार पर आरक्षण दिया जाए। इसके साथ ही सीएम ने 10 परसेंट मिले सवर्ण आरक्षण को बेहतर बताया। इतना ही नहीं, बिहार में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को वृद्धापेंशन देने की घोषणा की।
उन्‍होंने कहा कि बिहार में 60 साल या उससे अधिक के हर व्यक्ति को वृद्धावस्था पेंशन मिलेगा। बीपीएल सूची में उनका नाम दर्ज रहने की शर्त सरकार ने समाप्त कर दी है। वृद्धावस्था पेंशन के तहत हर बुजुर्ग को 400 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना के लिए मार्च से ही प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। अगस्त से राशि बुजुर्गों के बैंक खाते में सीधी जानी आरंभ हो जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को विधानसभा में पत्रकारों के लिए भी पत्रकार सम्मान पेंशन योजना शुरू करने की घोषणा की। दोनों योजनाएं पहली अप्रैल से शुरू हो जाएंगी। इसकी शर्तें पूरी करनेवाले पत्रकारों को पेंशन में प्रति माह 6000 रुपये दिए जाएंगे।  

13 प्‍वाइंट रोस्‍टर को गलत बताया
सीएम ने कहा कि यह संविधान में अलग नियम लाकर किया गया है। ऐसे में इसका विरोध किसी काे करने की जरूरत नहीं है। आर्थिक आधार पर आरक्षण से गरीबों को फायदा मिलेगा। सीएम ने 13 प्वाइंट रोस्टर लागू करने को भी गलत बताया। यह न्यायसंगत नहीं है। सदन को इसके लिए प्रस्ताव लाना चाहिए।

2021 की जनगणना जाति आधारित हो
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जाति आधारित जनगणना पर बल देते हुए कहा कि इससे पता चल जाएगा कि कौन सी जाति के लोगों की संख्‍या कितनी है। ऐसी जनगणना पर किसी को दिक्‍कत नहीं है। भाजपा के लोगों को भी नहीं है। उन्‍हाेंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से केंद्र को प्रस्‍ताव भेजा जाएगा, जिसमें कहा जाएगा कि 2021 की जनगणना जाति आधारित हो। कास्‍ट बेस्‍ड सेंसस समय की मांग है। इसके बाद जाति के आधार पर आरक्षण को लागू किया जाए। 
आरक्षण को 50 प्रतिशत से अधिक करने की जरूरत
उन्‍होंने कहा कि 2011 में जाति आधारित जनगणना नहीं हुई थी, बल्कि वह एक सर्वे था। वह सर्वे भी सही से नहीं कराया गया था। उसमें एक ही जाति के अलग-अलग नाम से दिखा दिया गया था। ऐसे में अगली जनगणना जाति के आधार पर होने से सबकी स्थिति साफ हो जाएगी। फिर उसी के आधार पर आरक्षण की व्‍यवस्‍था हो। उन्‍होंने कहा कि 1990 में मैंने ही इस मुद्दे को पहली बार उठाया था। इसे लेकर हमने मधुलिमये जी से भी मुलाकात की थी। उन्‍होंने कहा कि आरक्षण को 50 प्रतिशत से अधिक करने की जरूरत है।      
बाउंसर के साथ विस में घुसे तेजप्रताप
बता दें कि इसके पहले बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को हंगामा हुआ। विपक्ष ने विभिन्‍न मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी पहले से ही कर रखी थी। विपक्ष ने आरक्षण तथा मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामलों को लेकर सरकार को घेरा। विपक्ष के हंगामे के बीच राजद ने सदन से वॉक आउट किया। इस दौरान विधानसभा की सुरक्षा में तब बड़ी लापरवाही दिखी, जब राजद विधायक तेजप्रताप यादव निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ परिसर में दिखे।


विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश
राजद सहित विपक्ष ने सदन के अंदर व बाहर हंगामा किया। विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश के दौरान हंगामा हुआ। विपक्ष ने विधानसभा में मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ की गई टिपण्णी का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने आबादी के हिसाब से आरक्षण की मांग की।
बजट सत्र के तीसरे दिन सदन के बाहर भी हंगामा हुआ।

---और निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ पहुंच गए तेजप्रताप
विधानसभा परिसर में आज सुरक्षा में भी बड़ी चूक दिखी। राजद विधायक तेजप्रताप यादव अपने निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ विधानसभा परिसर में पहुंच गए। परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्‍हें नहीं रोका। बाद में जब मामला उजागर हुआ तो मार्शल ने भी चुप्‍पी साध ली। हालांकि बाद में यह मामला डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय के पास पहुंचा। जानकारी मिलते ही डीजीपी वहां पहुंचे और उन्‍होंने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। कहा कि दोषी पर बेशक कार्रवाई होगी। इस बाबत एसएसपी को भी निर्देश दिया गया है। साथ ही विधान सभा स्‍पीकर ने पटना के डीएम व एसएसपी से बात की है। वहीं इस मामले पर तेजप्रताप यादव ने कहा कि अगर सरकार सुरक्षा देगी तो वे निजी सुरक्षाकर्मियों को नहीं लाएंगे। 

 

Posted By: Amit Alok

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