पटना, जागरण टीम। बिहार विधान सभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन भी हंगामेदार रहा। तीसरे दिन भी चमकी बुखार से बच्चों की हुई मौत पर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी रहा। मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद के सदस्यों ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के इस्तीफ़े को लेकर सदन में विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष एईएस पर राज्य सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं है। विपक्ष ने विधानसभा की पहली पाली में जमकर हंगामा किया और सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी विपक्षी सदस्यों से बार-बार शांत रहने और अपनी सीट पर जाने का आग्रह करते रहे। उनकी बातों को हंगामा कर रहे सदस्यों ने अनसुना कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी। उधर नेता विपक्ष तेजस्‍वी यादव मंगलवार को भी नहीं दिखे। 

शोर में नहीं सुना जा सका शिक्षा मंत्री का जवाब
इससे पहले विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन के बाहर प्रवेश द्वार पर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पूर्वाह्न ग्यारह बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ हुई राजद, कांग्रेस व भाकपा माले के विधायक नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष ने ताराकिंत प्रश्न लेना शुरू किया, तभी राजद विधायक ललित यादव स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय के इस्तीफे की मांग को लेकर वेल में आ गए। उनके साथ विपक्ष के अन्य विधायक भी आकर नारेबाजी करने लगे। इस बीच संजय सरावगी द्वारा पूछे गए सवाल पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने जवाब भी दिया, लेकिन शोर की वजह से उनका जवाब सुना नहीं जा सका। तब संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार अपने आसन से उठकर विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग करने का आग्रह किया। जब उनकी बात का विपक्ष पर असर नहीं हुआ। 

आज भी विधानसभा में नहीं दिखे तेजस्वी 

राजद के आज के इस हंगामा और प्रदर्शन में न तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दिखे और न ही महागठबंधन के घटक दल कांग्रेस के विधायक। सदन में राजद के साथ ही भाकपा-माले का विरोध-प्रदर्शन भी जारी रहा। सदन में आरक्षी स्नेहा की मौत के मामले को लेकर भी प्रदर्शन किया गया। इससे पहले राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हम लोग हर मोर्च पर सरकार को घेरेंगे। बिहार की एनडीए सरकार हर मोर्च पर फेल है।

 

बच्चों की लाश पर राजनीति कर रहा विपक्ष : नंदकिशोर यादव 
पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने सदन की कार्यवाही नहीं चलने देने पर विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा कि बच्चों की लाश पर विपक्ष राजनीति कर रहा है। सोमवार को एईएस पर दो घंटे सदन में बहस हुई थी। स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने सदन में जवाब भी दिया। राज्य सरकार के कार्य के बारे में बताया और यह भी कहा कि आगे सरकार क्या-क्या कदम उठाने जा रही है, लेकिन आज फिर से विपक्ष ने उसी सवाल को लेकर सदन को बाधित किया। राजद के नेता न मुजफ्फरपुर गए और न किसी पीडि़त परिवार से मिले। आज सदन में वे ठहाके लगा रहे थे। ठहाके गाकर क्या एईएस से बच्चों की मौत पर संवेदना जताई जाती है? ये लोग बच्चों की लाश पर राजनीति कर रहे हैं।

स्नेहा को मिले इंसाफ : माले 
विधानसभा की पहली पाली में भाकपा माले विधायकों ने भी आरक्षी स्नेहा की मौत का मामला उठाया और माले विधायक महबूब आलम ने विपक्ष विधायकों के साथ आकर बेल में नारेबाजी की। आलम ने आसन से आग्रह किया कि स्नेहा हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। स्नेहा हत्याकांड को लेकर मुंगेर में लोग सड़क पर आंदोलनरत हैं। स्नेहा को इंसाफ मिलना चाहिए।

 

Posted By: Kajal Kumari

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