जमुई छेड़खानी कांड: CM सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR की मांग, राजद ने महिला आयोग को सौंपा ज्ञापन
राजद प्रतिनिधिमंडल ने जमुई की नाबालिग छेड़खानी पीड़िता की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर साझा करने के मामले में मुख्यमंत्री सम्राट ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो
HighLights
राजद ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग को ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग।
नाबालिग पीड़िता की तस्वीर साझा करने का आरोप लगाया गया।
राज्य ब्यूरो, पटना। जमुई की नाबालिग छेड़खानी पीड़िता की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर साझा किए जाने के मामले में राजद प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं बिहार राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विरुद्ध पाक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की।
राजद ने आरोप लगाया गया है कि नाबालिग पीड़िता की तस्वीर मुख्यमंत्री के एक्स अकाउंट पर प्रकाशित एवं प्रसारित की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अब तक बिहार पुलिस और संबंधित विधि नियामक एजेंसियों की ओर से इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई है।
राजद ने पाक्सो एक्ट की धारा 23(2) व 23(4), किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74(1) व 74(3) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 72(1) के तहत कार्रवाई की मांग की।
कानून के तहत बाल यौन अपराध पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले नाम, फोटो, पता या अन्य विवरण के प्रकाशन पर रोक है।
सुप्रीम कोर्ट ने निपुण सक्सेना बनाम भारत संघ मामले में भी स्पष्ट किया है कि प्रिंट, इलेक्ट्रानिक या इंटरनेट मीडिया में ऐसी जानकारी प्रकाशित नहीं की जा सकती, जिससे पीड़िता की पहचान हो सके।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अमरदीप एवं सदस्य राकेश कुमार सिंह से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में राजद के अनवर आलम, पूर्व विधायक एज्या यादव, प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन, चक्रपाणि हिमांशु, मदन शर्मा और निर्भय अंबेडकर थे। महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में मधु मंजरी, आभा लता, प्रो. गीता यादव, रबिया खातून, सुनीता कुशवाहा, विजय लक्ष्मी, प्रभावती देवी मांझी और अर्चना कुमारी सम्मिलित रहीं।
