पटना [जेएनएन]। एक तरफ बिहार कांग्रेस में कलह गहरा गई है, वहीं पार्टी के कई बड़े नेताओं का मानना है राज्‍य में प्रियंका गांधी को पार्टी की नैया पार लगानी चाहिए। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री श्याम सुंदर सिंह धीरज ने कहा है कि राज्य में कांग्रेस की बुरी गति के लिए चार नेता जिम्मेवार हैं। उन्‍होंने उनपर कई बड़े आरोप लगाए हैं।

दूसरी ओर प्रदेश कार्यकारी अध्‍यक्ष कौकब कादिरी सहित कुछ नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की सक्रियता चाहती थी। आगामी विधानसभा चुनाव में भी उनकी यही मांग है। इस बीच प्रियंका को बिहार बुलाने की कांग्रेस की मांग पर राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने तंज कसे हैं।

लोकसभा चुनाव में हार के बाद बिहार कांग्रेस का कलह गहराया

लोकसभा चुनाव मेंहार के बाद बिहार कांग्रेस का कलह गहराता दिख रहा है। प्रदेश कार्यकारी अध्‍यक्ष श्‍याम सुंदर सिंह धीरज ने कहा है कि बिहार में कांग्रेस की हार के लिए सबसे बड़े जिम्मेवार बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल और अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह हैं। तीसरे और चौथे नंबर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा हैं। लोकसभा चुनाव में गठबंधन और उम्मीदवारी के बारे में उन्‍होंने ही पार्टी आलाकमान को अंधेरे में रखा। उन्हें अलग कर दिया जाए तो पार्टी का भला हो जाएगा।

उठाए कई कड़े व कड़े सवाल

धीरज ने बताया कि रविवार को हुई समीक्षा बैठक में ये नेता दावा कर रहे थे कि लोकसभा चुनाव से जुड़ा हर फैसला आलाकमान की सहमति से लिया गया। उन्होंने सवाल किया- क्या अखिलेश सिंह के पुत्र को दूसरे दल से टिकट भी क्या आलाकमान की सहमति से मिली थी? आलाकमान से पूछ कर आपराधिक पृष्ठभूमि के विधायक की पत्नी को उम्मीदवार बनाया गया? क्या टिकट की बिक्री में भी आलाकमान की राय ली गई थी?

पार्टी पर कब्‍जा की कोशिश में व्यापारी

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में ताकत है। बिना साधन के भी पार्टी मजबूत हो सकती है। धीरज ने कहा कि कुछ लोग राजनीति में व्यापार करते हैं। वे पूंजी लगाते हैं। फिर लाभ कमाते हैं। प्रदेश कांग्रेस पर कुछ इसी तरह के व्यापारी कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनकी कोशिश कामयाब नहीं होगी।

पूरी कार्यसमिति दे इस्तीफा

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ शक्ति सिंह गोहिल ही क्यों इस्तीफा देंगे। प्रदेश कांग्रेस की पूरी कार्यसमिति को इस्तीफा देना चाहिए। सब लोग इस्तीफा दें। ताकि, आलाकमान को निकम्मे लोगों को पार्टी से अलग करने में सुविधा हो।

आलाकमान से मिलने की घोषणा

उन्होंने कहा कि प्रदेश अभियान समिति का गठन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए किया गया था। तब फिर कोई क्यों खुद को अब तक अभियान समिति का अध्यक्ष बता रहे हैं। धीरज ने कहा कि वे जल्द ही समर्पित कांग्रेसियों का प्रतिनिधिमंडल लेकर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगे।

पार्टी की डूबती नैया पार लगाएंगी प्रियंका गांधी

उधर, बिहार कांग्रेस के कई बड़े नेता बिहार में पार्टी की डूबती नैया को पार लगाने में प्रियंका गांधी का सहारा चाहते हैं। बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्‍यक्ष कौकब कादिरी ने कहा कि पार्टी लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की सक्रियता चाहती थी, लेकिन उत्‍तर प्रदेश में अधिक व्‍यस्‍त होने के कारण बिहार में वे समय नहीं दे सकीं। पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी सक्रियता चाहती है। कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा का मनना है कि प्रियंका गांधी की सक्रियता बिहार में कई सीटों पर विशेष असरकारी रहेगी।

प्रियंका को ले एनडीए ने कसे तंज

कांग्रेस की प्रियंका गांधी की सक्रियता की मांग पर एनडीए नेताओं ने तंज कसे हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक नितिन नवीन ने कहा है कि कांग्रेस प्रियंका क्‍या, किसी को भी बुला ले, कुछ नहीं होने वाला। उधर, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) प्रवक्‍ता अजय आलोक ने भी कहा कि प्रियंका के आने से कांग्रेस का उत्‍थान संभव हीं।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Amit Alok

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप