जागरण संवाददाता, पटना : डेंगू मच्छरों का डंक धीरे-धीरे पूरी राजधानी को चपेट में ले रहा है। 8 व 9 सितंबर के नमूनों की आई जांच रिपोर्ट में शनिवार को 36 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इसके साथ ही जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 174 हो गई है। इनमें से 162 मरीज एक अगस्त के बाद 41 दिन में मिले हैं। इस वर्ष डेंगू के हाटस्पाट अजीमाबाद अंचल की बिस्कोमान कालोनी, बजरंगपुरी, संदलपुर, कुम्हरार जैसे  मोहल्ले बने हुए हैं। इसके अलावा कंकड़बाग, फुलवारीशरीफ, दीघा, इंद्रपुरी, महेशनगर, एजी कालोनी, शास्त्रीनगर, बोरिंग रोड आदि मोहल्लों में भी एकाध मरीज हर दिन मिल रहे हैं। 

निजी पैथोलाजी में हर दिन पहुंच रहे सैकड़ों नमूने 

आरएमआरआइ, पीएमसीएच, एम्स, आइजीआइएमएस और एनएमसीएच में एलाइजा विधि और न्यू गार्डिनर में एनएस-1, आइजीजी-आइजीएम एलाइजा किट से डेंगू की जांच निश्शुल्क में की जा रही है। इसके अलावा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्क्रीनिंग के लिए रैपिड किट उपलब्ध कराई गई है।

  • - राजधानी में एक दिन में मिले डेंगू के रिकार्ड 36 नए मरीज
  • - 162 मरीज मिल चुके 41 दिन में, कुल रोगियों की संख्या हुई 174 
  • - अजीमाबाद अंचल सबसे ज्यादा प्रभावित, बिस्कोमान कालोनी हाटस्पाट 

सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड रिस्पांस टीम गठित 

 जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डा. विवेक कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू-चिकनगुनिया की रोकथाम के उपाय तेज करने के लिए जिले के सभी सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मरीजों की पहचान कर उनकी सूचना देने को कहा गया है ताकि टेक्निकल मैलाथियान की फागिंग और लार्वीसाइड्ल का छिड़काव कराया जा सके। गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में पांच बेड का मच्छरदानी युक्त विशेष डेंगू वार्ड बनाया गया है।  इसके अलावा पीएमसीएच, एनएमसीएच, आइजीआइएमएस, एम्स पटना और आरएमआरआइ को सेंटिनेल सर्विलांस हास्पिटल घोषित किया गया है। इन अस्पतालों में डेंगू के गंभीर रोगियों के उपचार की व्यवस्था की गई है।

Edited By: Akshay Pandey

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